हैदराबाद, 29 मई (भाषा) ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को कहा कि अगर सड़कों पर नमाज अदा करना नामंजूर है तो सड़कों पर हर धर्म से जुड़े आयोजनों के लिए भी यही मानदंड अपनाया जाना चाहिए।
ओवैसी ने शुक्रवार को यहां एआईएमआईएम मुख्यालय में आरोप लगाया कि मुसलमानों को हाशिये पर धकेलने और ‘दोयम दर्जे का नागरिक’ बनाने की कोशिशें की जा रही हैं।
उन्होंने दावा किया, ‘‘अगर सड़कों पर नमाज अदा करना गलत है तो सड़कों पर हर धर्म के त्योहारों के आयोजन गलत हैं। अगर आप कहते हैं कि किसी के त्योहार पर मांस की दुकानें बंद हो जानी चाहिए तो रमजान में पूरे 30 दिन तक शराब की सभी दुकानें बंद की जानी चाहिए।’’
ओवैसी ने कहा, ‘‘सड़कों पर नमाज में कितना वक्त लगता है?’’
उन्होंने कहा कि भारत मुसलमानों का भी है और वे अपने मुद्दों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से लड़ते रहेंगे।
एआईएमआईएम अध्यक्ष ने ईंधन के दामों और वैश्विक परिस्थिति के संबंध में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट जैसे विभिन्न अवरोधों से दाम प्रभावित हो रहे हैं लेकिन रूस से सस्ते तेल के आयात के दौरान भारतीय कंपनियों को हुए मुनाफे के बारे में भी सवाल पूछे जाने चाहिए।
भाषा वैभव जितेंद्र
जितेंद्र