भुवनेश्वर, 29 मई (भाषा) ओडिशा के चंडीप्रसाद गांव के एक परिवार ने आरोप लगाया है कि जब उसके घर के एक सदस्य ने अपनी लापता पत्नी के रूप में एक महिला के शव की पहचान करने से इनकार कर दिया तब उसे प्रताड़ित किया गया।
इस आरोप के अगले दिन इस गांव के लोगों ने शुक्रवार को आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
कटक के पुलिस उपायुक्त खिलारी ऋषिकेश ज्ञानदेव ने उत्पीड़न के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि राकेश बेहरा नामक यह व्यक्ति गुर्दे और फेफड़ों की बीमारियों का इलाज करा रहा था।
हालांकि, राज्य के पुलिस प्रमुख ने स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों पर रिपोर्ट मांगी है।
अधिकारियों के अनुसार, राकेश बेहरा की पत्नी 16 मई को लापता हो गई थी, जिसके बाद उन्होंने बरंग थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस ने 22 मई को महानदी नदी से एक अज्ञात महिला का शव मिलने के बाद बृहस्पति को पूछताछ के लिए राकेश बेहरा को हिरासत में लिया ।
ग्रामीणों का दावा है कि राकेश बेहरा ने पुलिस को बताया था कि शव उसकी पत्नी का नहीं है और बाद में उसकी पत्नी दिल्ली में मिली।
बेहरा के पिता कार्तिक बेहरा का आरोप है कि पुलिस ने उसके बयान पर विश्वास नहीं किया और उसे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया।
शुक्रवार को सैकड़ों लोगों ने कटक और भुवनेश्वर को जोड़ने वाली सड़क को अवरुद्ध कर दिया और राकेश बेहरा के स्वास्थ्य की जानकारी जानने और आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
भाषा
राजकुमार वैभव
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