नयी दिल्ली, 29 मई (भाषा) भारत ने अफ्रीका के कुछ हिस्सों में इबोला के प्रकोप के बीच अफ्रीका रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्रों (अफ्रीका सीडीसी) को चिकित्सा आपूर्ति की पहली खेप भेजी है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 17 मई को कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और युगांडा में फैले इबोला के प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया था।
अपनी साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से पूछा गया कि क्या भारत ने महामारी के प्रकोप के मद्देनजर अफ्रीका को कोई चिकित्सा सहायता भेजी है।
उन्होंने कहा, 'हमने सीडीसी अफ्रीका को चिकित्सा सामग्री भेजी है। युगांडा में हमारे उच्चायुक्त ने इसे वहां के सीडीसी कार्यालय को सौंप दिया है। हम इन देशों और सीडीसी के साथ हर संभव तरीके से आगे भी सहायता करने के लिए तत्पर हैं।'
अफ्रीका सीडीसी अफ्रीकी संघ का एक विशेष तकनीकी संस्थान है जिसकी स्थापना 2016 में सदस्य देशों की सार्वजनिक स्वास्थ्य पहलों का समर्थन करने और रोग के खतरों का पता लगाने, रोकथाम करने, नियंत्रण करने और तेजी से प्रतिक्रिया करने के लिए उनके सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों की क्षमता को मजबूत करने के लिए की गई थी।
अफ्रीका सीडीसी, अफ्रीकी संघ के सदस्य देशों को उनकी सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना, मानव संसाधन क्षमता और रोग निगरानी में मौजूद कमियों के लिए समन्वित और एकीकृत समाधान प्रदान करने में सहायता करता है।
जायसवाल ने पत्रकारों से कहा, 'जैसे ही हमें इस संबंध में और जानकारी मिलेगी, हम आपको अपडेट करते रहेंगे।'
उनसे यह भी पूछा गया कि क्या दिल्ली में मई के अंत में चौथे भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन का आयोजन स्थगित होने के बाद, भविष्य में शिखर सम्मेलन आयोजित करने के लिए किसी संभावित समयसीमा पर चर्चा की गई है।
अंतरराष्ट्रीय खबरों के अनुसार, कांगो सरकार ने 15 मई को प्रकोप की घोषणा के बाद से इबोला के 1,000 से अधिक संदिग्ध मामलों की पुष्टि की है, जिनमें कम से कम 220 मौतें शामिल हैं।
भाषा तान्या वैभव
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