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कई राज्यों में बारिश के आसार, आईएमडी ने कमजोर मानसून का जताया अनुमान

नयी दिल्ली, 29 मई (भाषा) मानसून के आगमन से पहले शुक्रवार को कई राज्यों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया और भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आगामी मौसम में देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वर्षा सामान्य से कम रहने के संकेत दिए हैं।

राष्ट्रीय राजधानी में बादल छाए रहे और तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। यहां पिछले 21 दिनों में सबसे कम अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई उत्तरी राज्यों के लिए मौसम विभाग ने बारिश और आंधी की आशंका जताई है।

राजस्थान में भीषण गर्मी का असर कम नहीं हो रहा है और तापमान मध्य 40 डिग्री के आसपास बना हुआ है। हालांकि मौसम विभाग ने कहा है कि शुक्रवार से राज्य में आंधी-तूफान और बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

इस बीच, आईएमडी ने कहा कि केरल में अगले सात दिनों के भीतर मानसून के पहुंचने की संभावना है।

इसमें आगे कहा गया है कि जून से सितंबर तक दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान भारत में मौसमी वर्षा दीर्घकालिक औसत (एलपीए) का लगभग 90 प्रतिशत रहने की संभावना है, जिसमें मॉडल त्रुटि 4 प्रतिशत तक हो सकती है। देश में कुल मौसमी वर्षा का दीर्घकालिक औसत (1971–2020 के आंकड़ों के आधार पर) 87 सेंटीमीटर है।

मौसम विभाग ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में इस मानसून के दौरान सामान्य वर्षा होने की संभावना है, जबकि देश के बाकी हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है।

आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय मोहपात्रा ने बयान में कहा, “देश के अधिकतर वर्षा आधारित कृषि क्षेत्रों वाले मानसून कोर जोन में दक्षिण-पश्चिम मानसून की मौसमी वर्षा सामान्य से कम (एलपीए के 94 प्रतिशत से कम) रहने की सबसे अधिक संभावना है।”

दिल्ली में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो आठ मई के बाद सबसे कम है। आठ मई को अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस बीच के दिनों में लंबे समय तक चली लू के कारण तापमान लगातार बढ़ता रहा और 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था।

आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न इलाकों में पिछले 48 घंटों के दौरान तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई और कुछ केंद्रों पर तापमान नौ डिग्री सेल्सियस से अधिक नीचे आ गया।

आईएमडी ने अनुमान जताया है कि 31 मई तक गरज के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा। शनिवार के लिए मौसम विभाग ने न्यूनतम तापमान करीब 23 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया है। बारिश के साथ आंधी को लेकर ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।

हरियाणा और पंजाब में भी लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली और अधिकतम तापमान सामान्य से कुछ डिग्री नीचे रहकर 30 डिग्री सेल्सियस के स्तर पर दर्ज किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री कम है।

उत्तर प्रदेश में आईएमडी ने अगले दो दिनों में राज्यभर में व्यापक बारिश और आंधी का अनुमान जताते हुए तेज हवाएं, बिजली गिरने, ओलावृष्टि और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

खराब मौसम के कारण राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ। सहारनपुर में शुक्रवार सुबह भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों से तेज जल प्रवाह देखने को मिला।

लखनऊ, वाराणसी और प्रयागराज समेत 20 जिलों में 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली तेज हवाएं चलीं व भारी बारिश हुई।

मौसम विभाग ने कहा कि एक जून से बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है और तीन तथा चार जून को उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क रह सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार, राज्य की राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 7.1 डिग्री कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 20.9 डिग्री सेल्सियस रहा।

बस्ती में 3.0 मिमी, गोरखपुर में 2.1 मिमी, आजमगढ़ में 0.8 मिमी और झांसी में हल्की बारिश दर्ज की गई।

हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने चार जून तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। शुक्रवार शाम राज्य की राजधानी और आसपास के इलाकों में ओलावृष्टि और बारिश हुई, जिसके बाद शनिवार के लिए किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर 10 जिलों में आंधी, बिजली कड़कने और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई।

उत्तराखंड में आईएमडी ने शनिवार के लिए हल्की से मध्यम बारिश, आंधी-तूफान और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का अनुमान जताया है। विभाग ने ‘नजर बनाए रखने’ की चेतावनी जारी करते हुए लोगों को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं और बिजली कड़कने के साथ आंधी आने के लिए सतर्क रहने को कहा है।

पूर्वानुमान के अनुसार, राज्यभर में अगले एक-दो दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। हालांकि, इसके बाद अगले तीन-चार दिनों में तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है।

राज्य की राजधानी में अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 33 डिग्री सेल्सियस और 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

राजस्थान में कई इलाकों में भीषण लू का असर जारी रहा।

मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार सुबह तक पिछले 24 घंटों में श्री गंगानगर में अधिकतम तापमान 47.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा।

विभाग ने कहा, “पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में धूलभरी आंधी चली जबकि पश्चिमी राजस्थान में कुछ स्थानों पर आंधी और ओलावृष्टि हुई।”

मौसम विभाग ने उत्तरी जिलों के लिए आंधी, बिजली कड़कने और बारिश का अलर्ट भी जारी किया है। बारिश और आंधी के असर से तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है।

उत्तर भारत के बाहर कोलकाता और दक्षिण बंगाल के कई जिलों में तेज हवाओं और भारी बारिश के साथ जोरदार आंधी-तूफान आया। झारखंड में भी बारिश हुई, जबकि आईएमडी ने शुक्रवार और शनिवार को तमिलनाडु में भी बारिश का अनुमान जताया है।

भाषा

राखी पवनेश

पवनेश