तिरुच्चेंदूर, 29 मई (भाषा) तमिलनाडु के हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती मंत्री एस रमेश ने शुक्रवार को एक श्रद्धालु के वेश में यहां के एक प्रसिद्ध मंदिर का औचक निरीक्षण किया और कथित तौर पर एक पुजारी और सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धालुओं को शीघ्र दर्शन कराने के बदले पैसे मांगने के आरोप में बेनकाब किया।
तिरुच्चेंदूर सुब्रमण्य स्वामी मंदिर में अनियमितताओं को लेकर श्रद्धालुओं की शिकायतों के बाद मंत्री ने निरीक्षण किया, जिस दौरान कथित तौर पर एक पुजारी और मंदिर के सुरक्षाकर्मियों ने उनसे जल्दी दर्शन कराने के लिए पैसे मांगे थे।
मंत्री अकेले ही मंदिर में दाखिल हुए और उन्होंने एक पुजारी से दर्शन के बारे में यूं ही पूछताछ की।
आरोप है कि पुजारी ने पैसों की मांग की, जिसके बाद मंत्री के सहायक ने कथित तौर पर यूपीआई के माध्यम से राशि हस्तांतरित कर दी।
काले रंग की टी-शर्ट पहने रमेश ने पत्रकारों को बताया, “कई श्रद्धालुओं से शिकायतें मिलने के बाद, मैंने आरोपों की पुष्टि करने के लिए सुबह-सुबह मास्क पहनकर मंदिर का दौरा किया। मैंने पाया कि कुछ पुजारी मंदिर के अधिकारियों की मिलीभगत से श्रद्धालुओं से जल्दी दर्शन कराने के नाम पर पैसे वसूल रहे थे।”
रमेश ने बताया कि कथित तौर पर पैसे मांगने वाले पुजारी को निलंबित कर दिया गया है, जबकि दो सुरक्षा गार्ड और मंदिर के दो अन्य कर्मचारियों को इस घटना में कथित संलिप्तता के लिए सेवा से हटा दिया गया है।
उन्होंने चेतावनी दी कि कदाचार के दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने कहा, “प्रक्रिया के अनुसार, मैंने अधिकारियों से यह स्पष्टीकरण मांगा कि इस तरह की अनियमितताओं की अनुमति कैसे दी गई। मुझे कोई 'माफीनामा' नहीं मिला, जैसा कि सोशल मीडिया पर झूठा दावा किया जा रहा है।”
रमेश ने कहा कि वह जल्द ही मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय को घटना की विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगे।
भाषा तान्या रंजन
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