इंफाल, 29 मई (भाषा) मणिपुर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अरुण कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में 30 मई से मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) आयोजित किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी पात्र नागरिक छूट न जाए और कोई भी अपात्र व्यक्ति शामिल न हो।
सिन्हा ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि इस संशोधन के लिए एक जुलाई को पात्रता तिथि माना जाएगा।
उन्होंने कहा कि बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) 30 मई से 28 जून तक जनगणना के चरण के दौरान घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे।
सिन्हा ने कहा, “एसआईआर प्रक्रिया इस उद्देश्य से की जा रही है कि कोई भी पात्र नागरिक छूट न जाए और कोई भी अपात्र व्यक्ति शामिल न हो।”
उन्होंने बताया कि 16 मई को लम्फेलपत स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ एक बैठक आयोजित की गई थी।
सिन्हा ने कहा कि मौजूदा 20,93,076 मतदाताओं के लिए जनगणना प्रपत्रों की छपाई पूरी हो चुकी है।
उन्होंने कहा, 'इस अभ्यास के दूसरे चरण में, कुल 2,956 बीएलओ घर-घर जाकर सभी मौजूदा मतदाताओं को आंशिक रूप से भरे हुए जनगणना प्रपत्रों की दो प्रतियां वितरित करेंगे।'
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का मसौदा पांच जुलाई को प्रकाशित किया जाएगा और इसमें उन सभी मतदाताओं को शामिल किया जाएगा जिनके जनगणना प्रपत्र प्राप्त हो चुके हैं।
सिन्हा ने जनता से निर्धारित अवधि के दौरान दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अपील की और कहा कि जो मतदाता निर्धारित समय के भीतर भरा हुआ जनगणना प्रपत्र जमा करने में असमर्थ हैं, वे दावे और आपत्तियों के चरण के दौरान शामिल किए जाने के लिए निर्धारित घोषणा पत्र के साथ प्रपत्र छह जमा कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि पांच जुलाई से दो सितंबर तक चलने वाले नोटिस और सत्यापन चरण के दौरान, चुनावी पंजीकरण अधिकारी प्रस्तावित मतदाताओं की पात्रता की जांच करेंगे और विसंगतियों के मामलों में सुनवाई के नोटिस जारी करेंगे।
उन्होंने कहा, 'किसी भी मतदाता को सुनवाई का अवसर दिए बिना मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा।'
उन्होंने कहा कि सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद अंतिम मतदाता सूची छह सितंबर को प्रकाशित की जाएगी।
भाषा तान्या पवनेश
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