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आईआईएफसीएल पर लगे 'सिफ्टी' प्रतिबंध सरकार ने हटाए

नयी दिल्ली, 29 मई (भाषा) सरकार ने इंडिया इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड (आईआईएफसीएल) पर लागू 'सिफ्टी' (व्यवहार्य अवसंरचना परियोजनाओं के वित्तपोषण की योजना) प्रतिबंधों को हटा दिया है, जिससे कंपनी को बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के वित्तपोषण में अधिक लचीलापन मिलेगा।

'सिफ्टी' व्यवस्था के तहत आईआईएफसीएल पर कुछ अतिरिक्त सीमाएं लागू थीं। इनमें यह प्रावधान भी शामिल था कि कंपनी किसी परियोजना की कुल लागत का 20 प्रतिशत से अधिक ऋण नहीं दे सकती थी।

हालांकि सरकार ने ये प्रतिबंध पिछले महीने हटा दिए। आईआईएफसीएल अब तक सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दोहरे नियमन के तहत काम कर रही थी।

आईआईएफसीएल के प्रबंध निदेशक रोहित ऋषि ने कहा, 'इस कदम से कंपनी को तेज वृद्धि, नए वित्तीय उत्पादों के विस्तार और विभिन्न क्षेत्रों में अधिक भागीदारी का अवसर मिलेगा।'

उन्होंने कहा कि भारत जब बुनियादी ढांचा आधारित विकास के नए चरण में प्रवेश कर रहा है, तब आईआईएफसीएल जिम्मेदार और टिकाऊ वित्तपोषण के जरिए देश की विकास प्राथमिकताओं को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है।

ऋषि ने कहा कि मजबूत बहीखाता, बेहतर जोखिम प्रबंधन और विविधीकृत पोर्टफोलियो के चलते कंपनी वृद्धि के अगले चरण के लिए बेहतर स्थिति में है।

आईआईएफसीएल की स्थापना वर्ष 2006 में सरकार ने की थी। इसके गठन का उद्देश्य व्यवहार्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को दीर्घकालिक वित्त उपलब्ध कराना है।

मार्च 2026 तक कंपनी का एकल आधार पर ऋण वितरण बढ़कर 81,715 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले की तुलना में लगभग 17 प्रतिशत अधिक है।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण