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पूर्ण टीकाकरण की दर 83.8 प्रतिशत से बढ़कर 87.1 प्रतिशत हुई: एनएफएचएस-6 की रिपोर्ट

नयी दिल्ली, 29 मई (भाषा) भारत में बाल स्वास्थ्य संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है, जिनमें टीकाकरण कवरेज और पोषण संबंधी परिणाम शामिल हैं। यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-6) से मिली।

एनएफएचएस-6 के अनुसार, 12-23 महीने की आयु के बच्चों में पूर्ण टीकाकरण कवरेज 2019-21 में 83.8 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 87.1 प्रतिशत हो गया, जबकि बच्चों के पोषण संबंधी प्रमुख संकेतक जैसे कि बौनापन और गंभीर कुपोषण में महत्वपूर्ण कमी दर्ज की गई।

एनएफएचएस-6 2023-24 के दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा किया गया था, जिसमें मुंबई स्थित अंतरराष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान (आईआईपीएस) ने नोडल एजेंसी के रूप में काम किया।

देश के 715 जिलों में फैले लगभग 6.79 लाख परिवारों को शामिल करने वाले इस सर्वेक्षण से जनसंख्या, स्वास्थ्य, पोषण और परिवार कल्याण संकेतकों पर साक्ष्य प्राप्त होते हैं और जिला स्तर तक कार्यक्रम क्रियान्वयन में सहायता मिलती है।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत सार्वभौमिक टीकाकरण कवरेज की दिशा में लगातार मजबूत प्रगति कर रहा है।

टीकाकरण कार्ड के आधार पर 12-23 महीने की आयु के बच्चों में पूर्ण टीकाकरण कवरेज एनएफएचएस-5 (2019-21) में 83.8 प्रतिशत से बढ़कर एनएफएचएस-6 (2023-24) में 87.1 प्रतिशत हो गया है।

इसके अनुसार 95.6 प्रतिशत बच्चों को अधिकांश टीके सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के माध्यम से प्राप्त हुए, जो कि एनएफएचएस-5 के 94.5 प्रतिशत से अधिक है। यह सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में समुदायों के विश्वास की पुष्टि करता है।

एनएफएचएस-6 से बाल पोषण परिणामों में उत्साहजनक प्रगति का भी संकेत मिला। इसके अनुसार पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में बौनापन (उम्र के हिसाब से कम कद) 35.5 प्रतिशत से घटकर 29.3 प्रतिशत हो गया, जो लगभग 17 प्रतिशत की कमी दर्शाता है। यह दीर्घकालिक पोषण परिणामों में सुधार को प्रतिबिंबित करता है।

भाषा अमित वैभव

वैभव