Breaking News

CUET UG 2026: तकनीकी गड़बड़ी की बात NTA ने मानी, दोबारा होगी प्रभावित छात्रों की परीक्षा     |   नोएडा के स्पार्क मिंडा फैक्ट्री में लगी भीषण आग, आग बुझाने में जुटी दमकल की 6 गाड़ियां     |   दिल्ली में आंधी-तूफान का खतरा, IMD का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी     |   'मेरा क्या हाल किया गया, सबने देखा', सोनारपुर में हमले के बाद अभिषेक बनर्जी का BJP पर निशाना     |   ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक पर हमला     |  

न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन का कार्यकाल बढ़ाकर दो साल किया, बदलाव 2027 से लागू होगा

नयी दिल्ली, 29 मई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने व्यापक चुनावी सुधारों के तहत शुक्रवार को ‘सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन’ (एससीबीए) की कार्यकारी समिति का कार्यकाल बढ़ाकर दो वर्ष कर दिया और निर्देश दिया कि यह बदलाव 2027 से प्रभावी होगा।

भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि कार्यकाल पूरा होने के बाद एक वर्ष की कूलिंग-ऑफ अवधि होगी।

उच्चतम न्यायालय ने कार्यकारी समिति के कार्यकाल में वृद्धि को छोड़कर, सुधारों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए एससीबीए चुनाव कराने के वास्ते एक अतिरिक्त माह का समय दिया।

शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि उसके समक्ष कम से कम 50 बार पेश हो चुके अधिवक्ता मतदान के पात्र होंगे। कई निर्देश जारी करते हुए अदालत ने कहा कि महिला अधिवक्ताओं के लिए यह सीमा 30 बार पेश होने की जबकि दिव्यांग अधिवक्ताओं के लिए कम से कम पांच बार पेश होने की होगी।

यह तर्क देते हुए कि कम से कम 75 प्रतिशत पेशी शारीरिक रूप से होनी चाहिए, न्यायालय ने कहा कि अदालत के अभिलेखों और आदेशों के माध्यम से पेशी का सत्यापन किया जा सकता है।

पीठ ने ‘एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड’ के लिए कहा कि पिछले दो वर्षों के दौरान प्रति वर्ष औसतन 20 याचिकाएं दाखिल करने वाले मतदान के पात्र होंगे।

दिव्यांग ‘एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड’ इसी अवधि के दौरान प्रति वर्ष औसतन पांच याचिकाएं दाखिल करके मतदान करने के पात्र हो जाएंगे।

भाषा संतोष पवनेश

पवनेश