(तस्वीरों के साथ)
सूरी/गलसी (पश्चिम बंगाल), 13 अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को दावा किया कि केंद्र सरकार और 19 राज्य उनके खिलाफ एकजुट हो गए हैं और वह अकेले ही आम जनता के लिए संघर्ष कर रही हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की देश के 19 राज्यों में सरकार है।
बीरभूम जिले के सूरी में एक रैली को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ने कहा कि भाजपा दिल्ली से ताकत का उपयोग करके पश्चिम बंगाल चुनाव नहीं जीत पाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस 226 से अधिक सीटें हासिल करेगी।’’
बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का प्रसारण युवाओं को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘वे (भाजपा) पैसे बांट रहे हैं... उन्होंने सभी (अधिकारियों और पुलिस) का तबादला दूसरे राज्यों में कर दिया है ताकि कोई उन्हें पकड़ न सके। पश्चिम बंगाल में धन, मादक पदार्थ, हथियार और मतदाताओं की तस्करी की जा रही है। मतदाताओं को बिहार से ट्रेन और बसों में भरकर मतदान के लिए लाया जा रहा है।’’
बनर्जी ने कहा, ‘‘कुल 19 राज्य और केंद्र सरकार मेरे खिलाफ एकजुट हो गए हैं... मैं उनके लिए काफी हूं। मैं आम जनता के लिए अपनी लड़ाई जारी रखूंगी क्योंकि मुझे नहीं लगता कि मैं अकेली हूं। मुझे जनता का आशीर्वाद प्राप्त है।’’
टीएमसी प्रमुख ने मोदी पर निशाना साधते हुए पूछा कि क्या वह पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं? यह सवाल उन्होंने मोदी के उस बयान के जवाब में पूछा जिसमें कहा गया है कि वह पश्चिम बंगाल की सभी 294 सीटों पर उम्मीदवार हैं।
बनर्जी ने कहा कि वह इस तरह के बयान बार-बार दे चुकी हैं और मोदी का बयान उनके ही बयान की महज नकल है।
प्रधानमंत्री ने रविवार को सिलीगुड़ी में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि वह पश्चिम बंगाल के ‘सभी निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा के उम्मीदवार’ हैं।
मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा, ‘‘अगर मोदी जी कहते हैं कि वे 294 सीटों पर उम्मीदवार हैं, तो उन्हें प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए और कहना चाहिए कि वे पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। उन्हें सभी निर्वाचन क्षेत्रों से वोट मांगने दीजिए।’’
बनर्जी ने कहा, ‘‘पहले तय कीजिए कि आप देश के प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं या पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री। आप यहां बाहरी हैं। पहले दिल्ली का मामला संभालिए, फिर पश्चिम बंगाल के बारे में सोचिए।’’
बनर्जी ने रोजगार के वादों को लेकर मोदी पर हमला करते हुए पूछा, ‘‘दो करोड़ नौकरियां देने के उनके पहले के वादे का क्या हुआ?’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब हम रिक्त पदों को भरने की कोशिश करते हैं, तो भर्ती रोकने के लिए अदालतों में मामले दर्ज किए जाते हैं। अब वे नौकरियों की बात कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल की जनता को गुमराह करने की कोशिश ना करें।’’
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा रविवार को पश्चिम बंगाल में बुलडोजर चलाने की बात कहने पर पलटवार किया। बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार इस तरह के दृष्टिकोण में विश्वास नहीं करती, बल्कि प्रेम पर आधारित नीति में विश्वास करती है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम बुलडोजर नीति में विश्वास नहीं करते। हम प्रेम की नीति में विश्वास करते हैं।’’
टीएमसी ने सूरी निर्वाचन क्षेत्र से उज्ज्वल चट्टोपाध्याय को उम्मीदवार बनाया है। हालांकि, दिन भर उनके लिए प्रचार करते हुए बनर्जी ने मतदाताओं से अपील की कि वे उनकी जगह उन्हें उम्मीदवार मानें। उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व में सरकार चाहते हैं, तो सभी 294 सीटों पर मुझे उम्मीदवार मानें।’’
टीएमसी प्रमुख ने यह भी दावा किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण(एसआईआर) के बाद मिशनरीज ऑफ चैरिटी की 300 नन और भारत सेवाश्रम समिति, रामकृष्ण मिशन और बेलूर मठ के कई भिक्षुओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।
बनर्जी ने भाजपा के ‘आरोपपत्र’ अभियान पर भी हमला किया और उसके नेताओं पर कोयला और बंदरगाह संचालन से जुड़े भ्रष्टाचार में लिप्त होने के आरोप लगाए। उन्होंने भाजपा को तृणमूल कांग्रेस को निशाना बनाने के खिलाफ चेतावनी दी।
पूर्वी बर्धमान जिले के गलसी में एक अन्य रैली में बनर्जी ने विपक्ष पर मतदाताओं को वित्तीय प्रलोभनों के माध्यम से प्रभावित करने और चुनाव समाप्त होने के बाद ‘पैसा वापस लेने’ का आरोप लगाया।
बनर्जी ने आरोप लगाया, ‘‘बिहार में, आपने चुनाव से पहले पैसा बांटा और फिर चुनाव समाप्त होने के बाद लोगों से पैसा लौटाने को कहा।’’
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दस्तावेजों की जांच के दौरान जानबूझकर उनके नामांकन में बाधा डालने का प्रयास किया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरे नामांकन पत्रों की जांच के दौरान उन्होंने मुझसे चार घंटे तक बहस की। यह मुझे नामांकन करने से रोकने का प्रयास था।’’
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे। परिणाम चार मई को घोषित किए जाएंगे।
भाषा
संतोष नरेश
नरेश