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नशे की हालत में कार चला रहा चिकित्सक दो अलग-अलग नंबर प्लेट का इस्तेमाल करते पाया गया

हैदराबाद, 13 अप्रैल (भाषा) तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में कथित तौर पर नशे की हालत में अपनी महंगी कार चलाते पकड़े गए 30 वर्षीय चिकित्सक को वाहन में लगी ‘फ्लिप नंबर प्लेट प्रणाली’ के जरिये दो अलग-अलग पंजीकरण नंबर का इस्तेमाल करते पाया गया। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।

यह मामला 10 अप्रैल को उस समय सामने आया, जब जुबली हिल्स में एक जांच के दौरान यह चिकित्सक ‘‘नशे में’’ कार चलाते पाया गया और जब्त की गई कार को जब पुलिस थाने ले जाया जा रहा था तभी एक कांस्टेबल ने गलती से ड्राइवर की सीट के पास मौजूद एक बटन दबा दिया।

बटन दबाये जाने के बाद, पुलिस ने कार की नंबर प्लेट पर दो अलग-अलग पंजीकरण नंबर देखे - एक दिल्ली का और दूसरा तेलंगाना का।

जुबली हिल्स पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि चिकित्सक ने दिल्ली में यह कार खरीदी थी लेकिन उसका पंजीकरण नंबर नहीं बदलवाया था। उन्होंने बताया कि चिकित्सक ने कार की नंबर प्लेट बदलने वाली ‘फ्लिप नंबर प्लेट प्रणाली’ ऑनलाइन खरीदी थी और करीब दो साल पहले शहर के एक तकनीशियन के माध्यम से इसे अपनी कार में लगवाया था।

फ्लिप नंबर प्लेट प्रणाली के माध्यम से पंजीकरण नंबर को छिपाया या बदला जाता है, ताकि ट्रैफिक कैमरों और टोल से बचा जा सके और यह प्रक्रिया महज चंद सेकंड के अंदर पूरी हो जाती है।

मामले की जांच में पता चला कि चिकित्सक के एक रिश्तेदार के नाम पर तेलंगाना पंजीकरण नंबर के साथ इसी मॉडल और कंपनी की एक कार पंजीकृत है।

पुलिस ने बताया कि चिकित्सक अपनी गाड़ी में फ्लिप नंबर प्लेट प्रणाली के जरिए दिल्ली और तेलंगाना, दोनों के पंजीकरण नंबरों का कथित तौर पर इस्तेमाल कर रहा था।

पुलिस ने बताया कि वह जांच के तहत तकनीशियन से पूछताछ करेगी।

प्रारंभिक जांच के आधार पर, पुलिस को संदेह है कि आरोपी ने पथ कर से बचने के लिए यह तरकीब अपनाई। हालांकि, इसके पीछे के सटीक मकसद का पता लगाने की कोशिश जारी है।

पुलिस ने बताया कि चिकित्सक के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के साथ-साथ मोटर वाहन अधिनियम के तहत, शराब पीकर गाड़ी चलाने का मामला दर्ज किया गया है। उसे एक नोटिस भी जारी किया गया है।

भाषा सुभाष नरेश

नरेश