कन्नूर(केरल), 12 अप्रैल (भाषा) केरल पुलिस ने रविवार को कहा कि कन्नूर दंत चिकित्सा महाविद्यालय के संकाय सदस्यों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है, जिनपर कथित तौर पर प्रथम वर्ष के एक छात्र को प्रताड़ित करने का आरोप है।
छात्र की इमारत से गिरने की वजह से मौत हो गई, जबकि पुलिस को संदेह है कि उसने आत्महत्या की है।
चक्करक्कल पुलिस थाना ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मृतक के माता-पिता और दोस्तों द्वारा संकाय सदस्यों पर छात्र के उत्पीड़न का आरोप लगाए जाने के बाद सभी पहलुओं से जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में दो संकाय सदस्यों को भी आरोपी बनाया है। साथ ही, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं।
पुलिस ने बताया कि इस घटना की विस्तृत जांच करने के लिए सात-सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।
छात्र की पहचान तिरुवनंतपुरम के पुथुकुलांगरा के उझलक्कल निवासी नितिन राज आर.एल. (22) के रूप में हुई है, जो यहां अंजराकांडी स्थित महाविद्यालय में बीडीएस (प्रथम वर्ष) का छात्र था।
पुलिस के अनुसार, 10 अप्रैल की दोपहर राज इमारत से गिरने के बाद मेडिकल कॉलेज ब्लॉक के पास गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला था। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
घटना के बाद महाविद्यालय प्रशासन ने एक आंतरिक जांच शुरू की और शनिवार को ‘डेंटल एनाटॉमी’ विभाग के प्रमुख एम. के. राम तथा एसोसिएट प्रोफेसर के. टी. संगीता नाम्बियार को निलंबित कर दिया।
पुलिस के अनुसार, राज ने अपने दोस्तों को एक ऑडियो संदेश भेजकर शिक्षकों द्वारा प्रताड़ना का आरोप लगाया था। उसने बताया था कि उसे परीक्षा में अंक कम देने जैसे शैक्षणिक नुकसान पहुंचाने और शारीरिक हमले की धमकियां दी जा रही थीं।
चक्करक्कल थाने के अधिकारियों के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच जारी है और डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार साथ ही, सहपाठियों, कॉलेज प्रशासन और परिजनों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।
राज के पिता राजन ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को सांवले रंग और कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि के कारण शिक्षकों द्वारा भावनात्मक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
उन्होंने कहा, “मेरे बेटे ने बिना किसी सहारे, कड़ी मेहनत करके योग्यता के आधार पर कॉलेज में दाखिला पाया था, लेकिन उसे जाति और रंग के आधार पर प्रताड़ित किया गया। उसे शैक्षणिक नुकसान पहुंचाने की धमकियां भी दी गईं।”
राजन ने बताया कि उन्होंने संबंधित संकाय सदस्यों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताई है।
राज की बहन निकिता ने कहा कि उसके भाई को जाति और वर्ण के आधार पर ‘बार-बार उत्पीड़न’ का सामना करना पड़ा था।
उसने आरोप लगाया कि राज ने कॉलेज के प्राचार्य से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
निकिता ने आरोप लगाया, ‘‘वह हमें इस तरह के भेदभाव और उत्पीड़न के बारे में नियमित रूप से बताया करता था। एक बार उसे स्टाफ रूम में बुलाया गया, जहां उनके साथ गंभीर दुर्व्यवहार किया गया।’’
बहन ने दावा किया कि एक बार एक शिक्षक ने कक्षा में अन्य छात्रों के सामने राज को ‘स्लम डॉग’ कहकर पुकारा था। उन्होंने कहा, ‘‘जब उत्पीड़न असहनीय हो गया, तो उसने प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद अपशब्द कहकर दुर्व्यवहार और भी बढ़ गया।’’
संपर्क करने पर कॉलेज के अधिकारियों ने बताया कि दो संकाय सदस्यों को निलंबित कर दिया गया है और वे पुलिस जांच में सहयोग कर रहे हैं।
एक अधिकारी ने कहा, ‘‘हम जांच में पूरा सहयोग करेंगे और सभी विवरण साझा करेंगे। पुलिस जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।’’
राज का शव रविवार को तिरुवनंतपुरम स्थित उसके घर लाया गया और शव को परिवार की जमीन में दफनाया जाएगा।
इस बीच, 2024 में वायनाड के सरकारी पशु चिकित्सा महाविद्यालय में कथित रैगिंग के बाद जान गंवाने वाले छात्र सिद्धार्थन जे.एस. की मां शीबा एम.आर. भी राज के घर पहुंचीं।
उन्होंने कहा कि बेटे की मौत के बाद उन्हें आस थी कि कॉलेजों में ऐसी घटनाएं नहीं दोहराई जाएंगी, लेकिन वैसी ही अन्य घटना ने एक और जान छीन ली।
उन्होंने कहा, “(संकाय सदस्यों का) ये निलंबन केवल दिखावटी है, क्योंकि दोषियों को बाद में बहाल कर दिया जाता है। सिद्धार्थन के मामले में भी आरोपियों को फिर से बहाल करने की तैयारी थी, लेकिन हमारी कानूनी लड़ाई के कारण ही वे अब तक बाहर हैं।”
इधर, घटना को लेकर सियासी प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है और विभिन्न दलों के नेताओं ने विस्तृत जांच की मांग उठाई है।
कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने राज की मौत की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि छात्र के परिजनों द्वारा लगाए गए जाति और रंगभेद आधारित उत्पीड़न के आरोपों को सरकार गंभीरता से ले और दोषियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाए।
केरल की निवर्तमान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी.डी. सतीशन ने भी राज के घर पहुंचकर मामले की गहन जांच की मांग की। उन्होंने कहा, “संकाय सदस्यों से छात्रों का मार्गदर्शन करने की अपेक्षा की जाती है। ऐसे लोग शिक्षक कैसे बन गए? इस मामले की विस्तृत जांच होनी चाहिए।”
सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सांसद ए.ए. रहीम ने भी परिवार से मुलाकात कर घटना को बेहद पीड़ादायक बताया। उन्होंने इसकी तुलना हैदराबाद विश्वविद्यालय में रोहित वेमुला की मौत के मामले से की।
रहीम ने कहा कि राज अपने उस परिवार की उम्मीद था, जो कठिनाइयों के बावजूद उसे पढ़ा रहा था। उन्होंने कहा, ‘‘माकपा न्याय मिलने तक परिवार के साथ खड़ी रहेगी। केरल जैसे समाज में ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए थी।’’
केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी भी राज के घर गए। उन्होंने बाद में कहा कि यह हतप्रभ करने वाला है कि महाविद्यालय से अब तक किसी ने भी परिवार से मुलाकात नहीं की है, जिससे संस्थान के आचरण पर संदेह पैदा होता है।
उन्होंने कहा, ‘‘इससे संकेत मिलता है कि महाविद्यालय प्रबंधन ने छात्रों को परिवार से मिलने न जाने का निर्देश दिया है। पेशेवर पाठ्यक्रम संचालित करने वाले महाविद्यालयों में आंतरिक मूल्यांकन के अंकों को अक्सर दबाव बनाने के साधन के रूप में उपयोग किया जाता है।’’
शिवनकुट्टी ने कहा कि परिवार को तिरुवनंतपुरम में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से मुलाकात कराने और समर्थन देने की व्यवस्था की जाएगी।
इस बीच, केरल राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी स्वत: संज्ञान लेते हुए पुलिस को मामले की विस्तृत जांच करने और एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, आयोग के न्यायिक सदस्य के. बैजुनाथ ने कन्नूर नगर पुलिस आयुक्त को घटना से जुड़े सभी आरोपों की जांच कर निर्धारित समयसीमा के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
भाषा धीरज सुरेश
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