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बंगाल में ‘अराजकता और घुसपैठ’ को लेकर प्रधानमंत्री ने टीएमसी पर साधा निशाना

(तस्वीरों के साथ)

सूरी, नौ अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर अराजकता फैलाने और 2022 के बोगतुई नरसंहार का जिक्र करते हुए ‘महाजंगल राज’ फैलाने का आरोप लगाया, जिसमें बीरभूम जिले में लगभग 10 महिलाओं और बच्चों को जिंदा जला दिया गया था।

प्रधानमंत्री मोदी जिला मुख्यालय सूरी में एक चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे। भाजपा के घुसपैठ के मुद्दे को और धार देते हुए उन्होंने पिछले सप्ताह मालदा में न्यायिक अधिकारियों के घेराव का हवाला देकर ममता बनर्जी प्रशासन की आलोचना की और देश को “अवैध घुसपैठियों” से मुक्त कराने के अपने दृढ़ संकल्प को दोहराया।

मोदी ने घोषणा की, “मैं आज आपके समक्ष यह वादा करने के लिए खड़ा हूं: इन चुनावों के बाद सत्ता परिवर्तन होते ही, मैं इस राज्य में घुसपैठ के सूत्रधारों के खिलाफ विशेष जांच शुरू करूंगा और उन्हें सलाखों के पीछे डालूंगा।”

उन्होंने कहा, “तृणमूल कांग्रेस का नारा ‘मां-माटी-मानुष’ खोखला बयान बनकर रह गया है। जहां एक ओर ‘मां’ रो रही है और ‘मानुष’ टीएमसी शासन के गुंडों के डर से कांप रहा है, वहीं दूसरी ओर मौजूदा सरकार के तहत घुसपैठियों द्वारा भूमि अतिक्रमण खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है।”

प्रधानमंत्री के भाषण स्थल से कुछ ही दूरी पर स्थित रामपुरहाट में हुए बोगतुई हत्याकांड का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि यह घटना “टीएमसी के महाजंगल राज” का प्रमाण है, जो सिंडिकेट, माफिया और भ्रष्ट नेताओं के अपवित्र गठजोड़ पर फलता-फूलता है।

मोदी ने कहा, “पश्चिम बंगाल में कुटीर उद्योग का पतन हो रहा है, जबकि टीएमसी ने कच्चे बम बनाने को एक कुटीर उद्योग में बदल दिया है।”

उन्होंने कहा कि टीएमसी शासन के दौरान घुसपैठियों द्वारा भूमि हड़पने का सिलसिला खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। घुसपैठिए कम वेतन पर काम लेकर स्थानीय लोगों की नौकरियां छीन रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के बंगाल में सत्ता में आने के बाद इन्हें निर्वासित कर दिया जाएगा और इनके सहयोगियों को जेल भेजा जाएगा।

उन्होंने कहा, “ मालदा घेराव के दौरान जो कुछ हुआ, उसे पूरे देश ने देखा है, जहां न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाया गया था। उन्होंने इस राज्य में आतंक का राज कायम कर दिया है, और इस समय लोगों को भय और धमकियों के उस माहौल से मुक्त करना सबसे जरूरी है।”

प्रधानमंत्री ने बीरभूम को कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय हस्तियों की पवित्र भूमि बताया, जो प्रेरणा का निरंतर स्रोत रही है।

उन्होंने उल्लेख किया कि यह क्षेत्र कई आदिवासी समुदायों का घर है और इस क्षेत्र ने पड़ोसी झारखंड में अंग्रेजों के खिलाफ 19वीं शताब्दी के संथाल विद्रोह का प्रभाव महसूस किया था।

उन्होंने कहा, “बाउल गीतों की यह भूमि अब बदलाव की धुन गुनगुना रही है।”

मोदी ने टीएमसी पर आदिवासियों का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति को भी नहीं बख्शा, जो आदिवासी समुदाय का प्रतिनिधित्व करती हैं।

टीएमसी पर मनरेगा कोष की चोरी का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों से भाजपा को चुनने का आग्रह किया।

उन्होंने आरोप लगाया, “माननीय राष्ट्रपति उत्तर बंगाल में आदिवासी समुदायों के एक कार्यक्रम में शामिल होने आई थीं। तृणमूल सरकार ने उन्हें अपेक्षित सम्मान नहीं दिया।”

टीएमसी पर मनरेगा कोष की चोरी का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों से भाजपा को चुनने का आग्रह किया। मोदी ने आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए गारंटीशुदा रोजगार और किसानों और मछुआरों को सहायता देने का वादा किया।

उन्होंने कहा, “हम बंगाल में ‘वीबी-जी राम जी’ योजना लागू करेंगे और लाभार्थियों के खातों में सीधे धन अंतरित करेंगे।”

भाषा

प्रशांत अविनाश

अविनाश