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असम में मतदान की तैयारी, 1.5 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात, 722 उम्मीदवार मैदान में

गुवाहाटी, आठ अप्रैल (भाषा) असम में बृहस्पतिवार को होने वाले मतदान के लिए 1.5 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है, जिसमें 126 सदस्यीय विधानसभा में प्रवेश की उम्मीद रखने वाले 722 उम्मीदवारों का भविष्य तय होगा।

अधिकारियों ने बताया कि एक ही चरण में होने वाले इस मतदान के लिए 35 जिलों में 31,940 मतदान केंद्र बनाये गए हैं। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सूक्ष्म पर्यवेक्षकों को तैनात किया गया है। चुनाव परिणाम चार मई को घोषित होंगे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल ने बताया कि अधिकांश कर्मी बुधवार सुबह मतदान केंद्रों के लिए रवाना हो गए थे, जबकि कार्बी आंगलोंग और दीमा हसाओ जैसे दूरदराज के इलाकों में तैनात कर्मी मंगलवार को ही रवाना हो गए थे। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त मतदान कर्मी भी तैयार हैं।

असम के पुलिस प्रमुख हरमीत सिंह ने कहा कि निर्वाचन आयोग के मार्गदर्शन और केंद्रीय बलों की सहायता से सभी सुरक्षा व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।

कुल मतदान केंद्रों में से 126 (प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के लिए एक) को आदर्श मतदान केंद्र के रूप में चिन्हित किया गया है। 4,021 बूथ का संचालन पूरी तरह से महिला कर्मियों द्वारा किया जाएगा, जिनमें कछार जिले में सबसे अधिक 398 बूथ हैं।

पंद्रह मतदान केंद्रों का संचालन दिव्यांगजनों द्वारा किया जाएगा, जिनमें से छह कामरूप जिले में हैं।

असम सरकार ने बृहस्पतिवार को सभी सरकारी और निजी कार्यालयों, साथ ही शहरी स्थानीय निकायों, शैक्षणिक संस्थानों, व्यापारिक और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है।

गोयल ने कहा कि सभी केंद्रों पर वेबकास्टिंग की सुविधा शुरू कर दी गई है ताकि जिला निर्वाचन अधिकारियों, मुख्य निर्वाचन अधिकारी और भारतीय निर्वाचन आयोग के कार्यालयों से मतदान प्रक्रिया की वास्तविक समय में निगरानी की जा सके।

सभी मतदान केंद्रों पर पीने का पानी, प्रतीक्षा क्षेत्र, शौचालय और दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर सहित बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।

कुल 2.50 करोड़ मतदाता मतदान करने के लिए पात्र हैं। ये मतदाता चुनाव में मैदान में उतरे 722 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। इन 2.50 करोड़ मतदाताओं में से 1.25 करोड़ पुरुष, 1.25 करोड़ महिलाएं और 318 ट्रांसजेंडर हैं।

इन मतदाताओं में 63,423 सर्विस वोटर हैं, 6,42,314 मतदाता 18-19 वर्ष आयु वर्ग के हैं, 2,50,006 मतदाता 80 वर्ष से अधिक उम्र के हैं और 2,05,085 दिव्यांग (विकलांग) व्यक्ति हैं।

निर्वाचन आयोग ने 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और चिन्हित दिव्यांगजनों को घर से मतदान करने की अनुमति दी है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी गोयल ने सभी हितधारकों से अपील की है कि वे यह सुनिश्चित करने में सहयोग करें कि प्रत्येक नागरिक अपने लोकतांत्रिक अधिकार, यानी मतदान के अधिकार का प्रयोग कर सके।

भाषा अमित माधव

माधव