Breaking News

‘बिल पास होना संभव ही नहीं था’, 131वां संविधान संशोधन बिल गिरने पर बोलीं प्रियंका गांधी     |   सैन्य जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति नहीं होगी: ईरानी अधिकारी     |   लखनऊ: दोहरी नागरिकता मामले में राहुल गांधी पर FIR दर्ज करने के आदेश     |   अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में आज भी तेजी, 29 पैसे चढ़कर 92.85 पर पहुंचा     |   सेंसेक्स 504 अंक उछलकर 78,493 पर, निफ्टी 156 अंक चढ़कर 24,353 पर बंद हुए     |  

एसटीएफ ने दिल्ली-एनसीआर में बच्चों के अपहरण में मदद करने वाले ऑटो चालक को पकड़ा

लखनऊ, आठ अप्रैल (भाषा) दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बच्चों के अपहरण के लिए ऑटो-रिक्शा का इस्तेमाल करने वाले मानव तस्करी गिरोह के एक संदिग्ध सदस्य को उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने हरदोई जिले से गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

एसटीएफ ने एक बयान में कहा, आरोपी शाहरुख उर्फ इमरान की गिरफ्तारी पर 50,000 रुपये का इनाम था और वह हरदोई के अतरौली पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले में वांछित था।

आरोपी ने शुरू में एक ऑटो-रिक्शा चालक के रूप में काम किया और एक महिला सोनिया उर्फ सुनीता के संपर्क में आया, जिसने राष्ट्रीय राजधानी में दैनिक भुगतान के आधार पर उसका वाहन किराए पर लिया।

इसमें कहा गया है कि 2025 में, उसने कथित तौर पर उसे बच्चों के अपहरण में शामिल एक गिरोह में शामिल कर लिया।

बयान में कहा गया कि गिरोह अपहृत बच्चों को ले जाने और संदेह से बचने के लिए किराए के वाहनों का इस्तेमाल करता था और आरोपी, पैसे के लालच में इस गिरोह में शामिल हो गया।

इसमें कहा गया है कि बाद में वह गिरोह के अन्य सदस्यों के संपर्क में आया, जिनकी पहचान अभय वर्मा, उमाशंकर, पठान मुमताज उर्फ हसीना, मोडावती शारदा, बिकोल बिजली उर्फ बिकोबोलू सविता ठाकुर और अंकुल के रूप में हुई, इन सभी को पहले स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

बयान में कहा गया है कि गिरोह पर कार्रवाई के बारे में जानने के बाद, आरोपी छिप गए और गिरफ्तारी से बचने के लिए दिल्ली, गाजियाबाद और उत्तर प्रदेश सीमा से लगे इलाकों के बीच घूमते रहे।

बयान के अनुसार, विशिष्ट इनपुट पर कार्रवाई करते हुए, एसटीएफ की एक टीम ने मंगलवार को रात करीब 9:45 बजे उसे हरदोई में संडीला-अतरौली रोड पर डिकनी इलाके के पास से गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी को स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है और मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही चल रही है।

भाषा जफर रंजन

रंजन