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तिरुनेलवेली (तमिलनाडु), आठ अप्रैल (भाषा) तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) प्रमुख विजय ने तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) पर निशाना साधते हुए बुधवार को आरोप लगाया कि यदि मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के पास ‘‘पूर्ण शक्तियां’’ होतीं, तो यहां टीवीके का चुनाव प्रचार नहीं हो पाता।
विजय ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री किसी न किसी तरह की बाधा खड़ी करके हमें आने से रोकते, लेकिन फिलहाल इसे ‘‘कार्यवाहक सरकार’’ कहा जाता है और वह (स्टालिन) एक अधिकारहीन मुख्यमंत्री हैं।’’
अभिनेता से नेता बने विजय ने द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन को ‘‘कैश-बॉक्स अलायंस’’ बताया और आरोप लगाया कि इसे ‘‘लूटे गये’’ रुपयों का इस्तेमाल करके बनाया गया है।
उन्होंने गठबंधन के घटक दलों में एकता न होने का दावा करते हुए कहा, ‘‘गठबंधन में शामिल लोग एक-दूसरे को वोट तक नहीं देंगे।’’
विजय ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि द्रमुक ने कांग्रेस की तमिलनाडु इकाई को ‘‘करोड़ों रुपये देकर’’ अपने ‘‘वश में कर लिया है।’’ उन्होंने हालांकि इस बात पर जोर दिया कि ‘‘वास्तविक कांग्रेस’’ टीवीके के पक्ष में खड़ी है।
अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ गहरे जुड़ाव को दर्शाते हुए विजय ने कहा, ‘‘दूसरों के लिए यह सिर्फ एक चुनाव हो सकता है, लेकिन टीवीके से जुड़े लोगों के लिए यह एक जज्बा है।’’
टीवीके के संस्थापक ने द्रमुक और भाजपा के बीच एक गुप्त समझौता होने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि हालांकि ये गठबंधन बाहरी तौर पर अलग-अलग प्रतीत हो सकते हैं, लेकिन उनका एक ही लक्ष्य है उन्हें (विजय को) जनसेवा से दूर रखना।
विजय ने कथित प्रशासनिक विफलताओं को लेकर मुख्यमंत्री स्टालिन पर निशाना साधा और कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति, बढ़ती अपराध दर और विभिन्न विभागों में ‘भ्रष्टाचार’ को लेकर सवाल उठाए।
उन्होंने पूछा, ‘‘यदि आपने सही तरीके से शासन किया होता, तो महिलाओं की सुरक्षा स्थिति इतनी खराब क्यों है? युवाओं के लिए रोजगार क्यों नहीं है? हत्याएं क्यों बढ़ रही हैं? कानून-व्यवस्था कमजोर क्यों है? हिंसा क्यों फैल रही है?”
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है।
मतदाताओं से टीवीके का समर्थन करने का आग्रह करते हुए, विजय ने जनता से आगामी चुनाव में स्टालिन के नेतृत्व वाली ‘‘जनविरोधी’’ सरकार और उनके कल्याण की ‘‘वास्तव में परवाह करने वाले’’ नेतृत्व के बीच चयन करने को कहा।
भाषा देवेंद्र सुरेश
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