पणजी, आठ अप्रैल (भाषा) मुंबई उच्च न्यायालय ने गोवा की पोंडा विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए भारत निर्वाचन आयोग की अधिसूचना को बुधवार को ‘‘अमान्य’’ घोषित कर दिया और इस तरह नौ अप्रैल को होने वाला चुनाव अब प्रभावी रूप से रद्द हो गया है।
इस बीच कांग्रेस ने कहा है कि वह इस फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देगी।
उच्च न्यायालय की गोवा पीठ के न्यायमूर्ति वाल्मीकि मेनेजेस और न्यायमूर्ति अमित जमसंदेकर ने दो मतदाताओं द्वारा दायर याचिकाओं पर यह आदेश पारित किया। याचिकाकर्ताओं ने इस आधार पर अधिसूचना की वैधता को चुनौती दी थी कि वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल एक वर्ष से भी कम समय के लिए बचा है।
पिछले साल अक्टूबर में गोवा के पूर्व मंत्री रवि नाइक के निधन के बाद पोंडा विधानसभा सीट रिक्त हो गयी थी।
निर्वाचन आयोग ने नौ अप्रैल को मतदान और चार मई को मतगणना की अधिसूचना जारी की थी।
याचिकाकर्ताओं ने दलील दी थी कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत, यदि विधानसभा का शेष कार्यकाल एक वर्ष से कम है तो उपचुनाव कराना अनिवार्य नहीं है।
उन्होंने दलील दी थी कि नव निर्वाचित विधायक का कार्यकाल एक वर्ष से कम होगा।
कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य गिरीश चोडानकर ने कहा कि पार्टी उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका दायर करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘हम इस आदेश को तुरंत चुनौती देना चाहते थे, लेकिन विस्तृत आदेश अभी तक उच्च न्यायालय द्वारा (अपनी वेबसाइट पर) अपलोड नहीं किया गया है।’’
चोडानकर ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भाजपा ने हार के डर से निर्वाचन आयोग के साथ मिलकर उपचुनाव रद्द कराने की साजिश रची।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने नाइक के निधन के पांच महीने बाद उपचुनाव की घोषणा की।
उन्होंने दावा किया कि उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने वाले दोनों याचिकाकर्ता भाजपा के समर्थक थे।
भाषा
देवेंद्र पवनेश
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