नयी दिल्ली, आठ अप्रैल (भाषा) भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम का बुधवार को स्वागत किया और पश्चिम एशिया में दीर्घकालिक शांति सुनिश्चित करने के लिए ‘‘तनाव कम करने, संवाद और कूटनीति’’ का आह्वान किया।
भारत को होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए बिना किसी रोक-टोक के नौवहन और दुनिया भर में व्यापार होने की भी उम्मीद है। होर्मुज, फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच रणनीतिक रूप से अहम जलमार्ग है, जहां से दुनिया भर के करीब 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी का परिवहन होता है।
विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘हम युद्धविराम का स्वागत करते हैं और आशा करते हैं कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी। हम पहले भी कहते रहे हैं कि मौजूदा संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए तनाव कम करना, संवाद और कूटनीति आवश्यक हैं।’’
मंत्रालय ने कहा, ‘‘इस संघर्ष ने पहले ही लोगों को अत्यंत पीड़ा पहुंचाई है तथा वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार नेटवर्क को बाधित किया है। हमें उम्मीद है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से निर्बाध नौवहन और वैश्विक व्यापार जारी रहेगा।’’
ईरान पश्चिम एशिया में संघर्ष का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से करने की वकालत करता रहा है।
ईरान और अमेरिका सशर्त युद्धविराम पर सहमत हुए हैं, जिनमें होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए खोलना शामिल है।
भाषा वैभव अविनाश
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