( तस्वीरों सहित )
कोलकाता, आठ अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा सीट से नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए बुधवार को कालीघाट स्थित अपने आवास से मार्च किया और इस निर्वाचन क्षेत्र को ध्रुवीकरण की चपेट में आए ‘‘मिनी इंडिया’’ के रूप में पेश किया।
नामांकन के लिए उनका यह अलग तरीका राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ‘‘परिवर्तन’’ के आह्वान के खिलाफ एक राजनीतिक जवाब है।
बनर्जी ने ‘ममता बनर्जी जिंदाबाद’, ‘जय बांग्ला’ और ‘तृणमूल कांग्रेस जिंदाबाद’ के नारे लगाते समर्थकों की भीड़ के बीच अलीपुर सर्वे बिल्डिंग तक रैली का नेतृत्व किया तथा यहां नामांकन पत्र दाखिल किया।
बनर्जी ने 2021 में भवानीपुर सीट से जीत हासिल की थी।
वह अपनी चिर परिचित मुस्कान के साथ हाथ जोड़े लगभग 600 मीटर तक चलीं। उनके साथ उनकी महिला समर्थक शंख बजाती और जयकारे लगाती रहीं तथा पार्टी कार्यकर्ता तृणमूल कांग्रेस के झंडे लहराते रहे।
भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में पिछले सप्ताह इस सीट पर नामांकन पत्र दाखिल करते हुए अपनी पार्टी का शक्ति प्रदर्शन और ‘‘परिवर्तन’’ का आह्वान किया था। बुधवार को बनर्जी का रोड शो इसके विपरीत अपनी विचारधारा के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
बनर्जी ने नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद कहा, ‘‘मेरा जन्म और पालन-पोषण यहीं भवानीपुर में हुआ है। मैं साल के 365 दिन यहीं रहती हूं। मेरा जीवन का सब कुछ भवानीपुर के इर्द-गिर्द घूमता है। मेरे जीवन की हर शुरुआत यहीं से हुई। मैं भवानीपुर के लोगों को धन्यवाद देती हूं और उन्हें सलाम करती हूं।’’
बनर्जी ने पूरे बंगाल के मतदाताओं से तृणमूल कांग्रेस के लिए समर्थन मांगा।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं न केवल भवानीपुर बल्कि सभी 294 निर्वाचन क्षेत्र के लोगों से अपील करती हूं कि वे हमारे उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करें। हम बड़े जनादेश के साथ जीतेंगे।’’
तृणमूल कांग्रेस ने 2021 के विधानसभा चुनाव में 294 में से 213 सीटें जीती थीं।
चुनाव प्रचार के दौरान मतदाता सूची में संशोधन का मुद्दा सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनकर उभरा।
बनर्जी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने से मुसलमानों और महिलाओं पर असमान रूप से असर पड़ा है।
उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस मतदाता सूची को ‘फ्रीज’ करने के खिलाफ फिर से अदालत का रुख करेगी।
बनर्जी ने कहा, ‘‘मुझे बेहद दुख है कि मतदाता सूची से इतने सारे नाम हटा दिए गए हैं।’’
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा, ‘‘मैंने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की थी और 1.2 करोड़ में से 32 लाख नाम बहाल कर दिए गए हैं। जिन लोगों के नामों पर निर्णय लेना है और उन्हें सूचिबद्ध किया गया है उन्हें भी बहाल किया जाना चाहिए। मेरी समझ से परे है कि मतदाता सूची को क्यों रोक दिया गया है। हम फिर से अदालत में अपील करेंगे।’’
तृणमूल कांग्रेस ने भवानीपुर को ‘‘मिनी-इंडिया’’ और पश्चिम बंगाल की समावेशी पहचान के प्रतीक के रूप में पेश करने का प्रयास किया। पार्टी ने इसे एक ऐसा निर्वाचन क्षेत्र बताया जहां बंगाली हिंदू, गुजराती और मारवाड़ी व्यापारी, पंजाबी परिवार, जैन और मुस्लिम दशकों से एक साथ रहते आए हैं।
भाषा यासिर मनीषा
मनीषा