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मंत्रिमंडल ने खरीफ सत्र के लिए पीएंडके उर्वरकों पर 41,534 करोड़ रुपये की सब्सिडी को मंजूरी दी

नयी दिल्ली, आठ अप्रैल (भाषा) केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आगामी खरीफ सत्र के लिए बुधवार को फॉस्फेटिक एवं पोटाश (पीएंडके) उर्वरकों पर 41,534 करोड़ रुपये की सब्सिडी को मंजूरी दे दी जो पिछले साल की तुलना में करीब 12 प्रतिशत अधिक है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में यह फैसला लिया गया। यह उर्वरक सब्सिडी एक अप्रैल से 30 सितंबर, 2026 तक की अवधि के लिए लागू रहेगी।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि खरीफ सत्र 2025 की तुलना में आगामी फसल सत्र के लिए देय सब्सिडी में 4,317 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है।

खरीफ सत्र वाली फसलों की बुवाई आमतौर पर जून में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के साथ शुरू होती है।

सरकार ने खरीफ सत्र 2026 के लिए पोषक तत्वों पर सब्सिडी दर तय की है। इसके तहत नाइट्रोजन पर 47.32 रुपये प्रति किलोग्राम, फॉस्फेट पर 52.76 रुपये प्रति किलोग्राम, पोटाश पर 2.38 रुपये प्रति किलोग्राम और सल्फर पर 3.16 रुपये प्रति किलोग्राम सब्सिडी दी जाएगी।

पिछले रबी सत्र की तुलना में नाइट्रोजन, फॉस्फेट और सल्फर पर सब्सिडी दर बढ़ाई गई है, जबकि पोटाश के लिए निर्धारित दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

वर्ष 2010 से लागू ‘पोषक तत्व आधारित सब्सिडी’ (एनबीएस) योजना के तहत पीएंडके उर्वरकों पर सब्सिडी दी जाती है। पीएंडके उर्वरकों की 28 किस्मों के लिए सब्सिडी दी जाती है।

डीएपी, एमओपी और एनपीके जैसे गैर-यूरिया उर्वरकों के खुदरा दाम कंपनियां तय करती हैं, जबकि सरकार उन्हें तय सब्सिडी देती है।

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एनबीएस और यूरिया सब्सिडी योजना के तहत कुल बजटीय प्रावधान लगभग 1.71 लाख करोड़ रुपये किया गया है।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

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