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मणिपुर में बम हमले में दो बच्चों की मौत, मुख्यमंत्री ने की निंदा

इंफाल, सात अप्रैल (भाषा) मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में सोमवार देर रात किये गए एक बम हमले में दो बच्चों की मौत हो गई तथा उनकी मां घायल हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किये। यह जानकारी पुलिस ने दी।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह घटना सोमवार देर रात करीब एक बजे तब हुई जब मोइरांग ट्रोंग्लाओबी में संदिग्ध उग्रवादियों ने एक घर पर बम फेंका। इस बम विस्फोट में पांच वर्षीय एक बच्चे और छह महीने की एक बच्ची की मौत हो गई।

मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने इस हमले को “बर्बर कृत्य” करार दिया और लोगों को आश्वासन दिया कि इस अपराध के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करके उनके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि जब घर में बम फटा, उस समय दोनों बच्चे और उनकी मां सो रह थे।

घटना के विरोध में स्थानीय निवासियों ने आज सुबह प्रदर्शन किया और इलाके में एक पेट्रोल पंप के पास दो तेल टैंकरों और एक ट्रक में आग लगा दी।

प्रदर्शनकारियों ने मोइरांग थाने के सामने टायर जलाए और एक अस्थायी पुलिस चौकी को भी नष्ट कर दिया।

अधिकारी ने बताया कि स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए इलाके में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।

दो बच्चों की हत्या के विरोध में इंफाल के विभिन्न इलाकों में भी लोगों ने टायर जलाये। लोगों ने इंफाल पूर्व जिले के पांगेई और खुराई तथा इंफाल पश्चिम जिले के लंगथाबल में वाहनों की आवाजाही रोक दी और सड़कों के बीचोंबीच टायर जलाये।

मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद ने कहा कि यह हमला “बर्बर कृत्य” और “मानवता पर सीधा हमला है तथा मणिपुर में बड़ी मुश्किल से कायम हुई शांति व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश” है।

सिंह ने कहा, “मैं इसकी कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि इस घटना के जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाएगी, उन्हें ढूंढ़ निकाला जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे आतंकवादी कृत्यों को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

मुख्यमंत्री इंफाल के उस निजी अस्पताल में गए जहां बम हमले में जान गंवाने वाले दोनों बच्चों की घायल मां का इलाज किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आज सुबह, मैं राज पॉलीक्लीनिक पहुंचा ताकि उस घायल मां की हालचाल ले सकूं जिसने कल रात ट्रोंग्लाओबी अवांग लेइकाई, मोइरांग

में हुए क्रूर हमले में अपने दो बच्चों को खो दिया। मैंने निर्देश दिया है कि उसे सर्वोत्तम चिकित्सा देखभाल और सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जाए।’’

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार हर नागरिक की सुरक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित है और शांति, कानून-व्यवस्था तथा स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे एकजुट रहें और उन तत्वों के खिलाफ मजबूती से खड़े हों जो सामूहिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश करते हैं।

निचले इलाके में स्थित मोइरांग ट्रोंग्लाओबी, चूड़ाचांदपुर के पहाड़ी क्षेत्रों के पास है और 2023 व 2024 में मेइती और कुकी-जो समूहों के बीच संघर्ष के चरम पर होने के दौरान यहां लगातार गोलीबारी की घटनाएं हुई थीं।

एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को ट्रोंग्लाओबी के पास के इलाके से एक विस्फोटक उपकरण भी बरामद किया गया।

इस बीच, एनपीपी के स्थानीय विधायक टी शांति सिंह ने ‘‘ट्रोंग्लाओबी में कुकी नार्को-उग्रवादियों द्वारा किये गए क्रूर हमले’’ की कड़ी निंदा की।

उन्होंने कहा, “यह जघन्य कृत्य आतंकवाद के कृत्य से कम नहीं है। ऐसे अमानवीय कृत्यों का हमारे समाज में कोई स्थान नहीं है और इसकी कड़े शब्दों में निंदा होनी चाहिए।”

विधायक ने कहा, “मैं जान गंवाने वाले पांच वर्षीय बच्चे और पांच महीने की बच्ची को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्हें इतनी निर्दयता से छीन लिया गया। इस अकल्पनीय दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।”

मई 2023 से लेकर अब तक मेइती और कुकी-जो समूहों के बीच हुई जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं।

भाषा अमित संतोष

संतोष