(तस्वीर के साथ)
मुंबई, सात अप्रैल (भाषा) एयर इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने इस्तीफा दे दिया है। एयरलाइन ने उनके उत्तराधिकारी की तलाश के लिए एक समिति का गठन किया है। टाटा समूह के स्वामित्व वाली कंपनी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
न्यूजीलैंड मूल के विल्सन पिछले चार वर्ष से टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक के रूप में कार्य कर रहे हैं।
एयरलाइन ने बयान में कहा, ‘‘ विल्सन ने 2024 में ही एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को 2026 में पद छोड़ने की अपनी इच्छा से अवगत करा दिया था। तब से वह यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि संगठन और नेतृत्व दल बदलाव के लिए स्थिर स्थिति में हो।’’
एयर इंडिया के निदेशक मंडल ने आने वाले महीनों में नए प्रमुख की नियुक्ति के लिए एक समिति का गठन किया है, जो उनके उत्तराधिकारी की तलाश करेगी।
इसमें कहा गया कि सार्वजनिक क्षेत्र की एयरलाइन के निजीकरण के बाद सितंबर, 2022 में कंपनी की कमान संभालने वाले विल्सन उत्तराधिकारी की घोषणा तक पद पर बने रहेंगे।
एयरलाइन की लंदन जाने वाली उड़ान के 12 जून को अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद विल्सन की आलोचना भी हुई थी। इस हादसे में 250 से अधिक लोगों की जान गई थी। इसके अलावा कई मौकों पर सुरक्षा मानकों के कथित उल्लंघन को लेकर भी उन पर सवाल उठे थे।
टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने विल्सन के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में एयर इंडिया ने कई क्षेत्रों में प्रगति की।
उन्होंने कहा, ‘‘ एयर इंडिया दल ने कोविड-19 वैश्विक महामारी के बाद लंबे समय तक चली आपूर्ति शृंखला बाधाओं, नए विमानों की आपूर्ति और पुराने विमानों के आधुनिकीकरण कार्यक्रमों में देरी एवं भू-राजनीतिक चुनौतियों जैसे कई बाहरी दबावों का भी सफलतापूर्वक सामना किया।’’
वहीं विल्सन ने कहा, ‘‘ एयर इंडिया के निजीकरण के बाद पिछले चार वर्ष में चार एयरलाइन कंपिनयों का अधिग्रहण और सफल विलय हुआ है। इसके साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र की कार्यप्रणाली से निजी क्षेत्र की प्रणाली की ओर बदलाव, नेतृत्व दल, कार्यबल, कार्य संस्कृति एवं संचालन के तरीकों में भी सुधार हुआ है।’’
उन्होंने कहा कि एयर इंडिया में प्रणालियों का व्यापक स्तर पर आधुनिकीकरण, नए उत्पादों की शुरुआत, जमीन व उड़ान दोनों में बेहतर सेवा मानकों का लागू होना और बेड़े में 100 अतिरिक्त विमानों को शामिल करना जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि एयर इंडिया की कम लागत वाली अनुषंगी कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस के तत्कालीन प्रबंध निदेशक अलोक सिंह के पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद पद छोड़ने से 19 मार्च से यह पद भी खाली है।
भाषा निहारिका अजय
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