(तस्वीरों के साथ)
पुडुचेरी, सात अप्रैल (भाषा) तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने मंगलवार को दावा किया कि भाजपा केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी पर उसी तरह पूर्ण नियंत्रण चाहती है, जैसे वह एडप्पाडी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व वाली अन्नाद्रमुक के माध्यम से तमिलनाडु पर नियंत्रण हासिल करना चाहती है।
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन (एसपीए) के उम्मीदवारों के लिए चुनावी प्रचार करते हुए उदयनिधि ने कहा कि पुडुचेरी की जनता ने इस प्रेम की भूमि में कभी नफरत की राजनीति करने की अनुमति नहीं दी।
उन्होंने कहा, ‘‘आज इस केंद्र शासित प्रदेश में फासीवादी भाजपा से जुड़ी ताकतों की घुसपैठ काफी बढ़ गई है। यह प्रदेश भाजपा की सभी जनविरोधी नीतियों का परीक्षण स्थल बन गया है। यहां भाजपा एआईएनआरसी के कंधों पर ठीक उसी तरह सवार है, जैसे तमिलनाडु में पलानीस्वामी के नेतृत्व वाली अन्नाद्रमुक के कंधों पर।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की जनविरोधी नीतियों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति भी शामिल है और इसके माध्यम से जाति आधारित शिक्षा प्रणाली (कुल कल्वी थिट्टम) लागू की गई है।
उदयनिधि ने मुदलियारपेट में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘वे ऐसी योजनाएं लागू कर रहे हैं जो पुडुचेरी में आने वाली पीढ़ियों को बर्बाद कर देंगी, लेकिन तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने भाजपा की साजिशों को राज्य (पुडुचेरी) में प्रवेश करने से प्रभावी ढंग से रोक दिया है।’’
द्रमुक की युवा शाखा के सचिव ने अपील करते हुए कहा, ‘‘हमें नौ अप्रैल के चुनाव में यह साबित करना होगा कि पुडुचेरी वह भूमि है जहां के लोग आत्मसम्मान के साथ जीते हैं।’’
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अक्सर दोहराई जाने वाली ‘डबल इंजन की सरकार’ संबंधी टिप्पणी की कड़ी आलोचना की और कहा कि इस ‘डबल इंजन सरकार’ ने विकास के लिए कुछ खास नहीं किया है।
उदयनिधि ने कहा, ‘‘द्रविड़ मॉडल की सरकार ऐसी नहीं है। स्टालिन ने 11.19 प्रतिशत की दोहरे अंकों वाली आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित की है।’’
उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उसकी इस केंद्र शासित प्रदेश के लोगों में कोई वास्तविक रुचि नहीं है और यही कारण है कि विधानसभा द्वारा कई बार प्रस्ताव पारित किए जाने के बावजूद पुडुचेरी को राज्य का दर्जा नहीं दिया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘क्या उन्होंने राज्य के दर्जे की काफी समय से लंबित मांग पूरी की? प्रधानमंत्री मोदी के पास दिल नहीं है। वह पुडुचेरी को उसी तरह नियंत्रण में रखना चाहते हैं, जैसे तमिलनाडु को पलानीस्वामी के माध्यम से नियंत्रित करना चाहते हैं।’’
पुडुचेरी के राज्यपाल पर ‘हर मामले में दखलंदाजी’ करने का आरोप लगाते हुए द्रमुक नेता ने कहा कि गैर-भाजपा शासित राज्यों में विधिवत निर्वाचित सरकार का कोई महत्व नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘राज्यपाल को सारी शक्तियां दे दी गई हैं। राज्य का दर्जा मिलने पर राज्यपाल शक्तिहीन हो जाएंगे। संक्षेप में, वे दिल्ली से रिमोट कंट्रोल के जरिये केंद्र शासित प्रदेश की सरकार चला रहे हैं। अगर इस स्थिति को बदलना है तो जनता को द्रमुक-कांग्रेस गठबंधन का समर्थन करना चाहिए।’’
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘भाजपा सोचती है कि वह राज्यपाल के माध्यम से पुडुचेरी पर शासन कर सकती है। आमतौर पर विपक्षी दल के सदस्य विधानसभा से बहिर्गमन करते हैं, लेकिन तमिलनाडु में राज्यपाल पहली बार बहिर्गमन कर रहे हैं। पुडुचेरी में आज हर मामले में राज्यपाल का दखल है। यहां निर्वाचित सरकार का कोई महत्व नहीं है। केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त राज्यपाल ही यहां सब कुछ तय करता है।’’
उन्होंने कहा कि स्पष्ट शब्दों में कहा जाए तो भाजपा दिल्ली से पुडुचेरी पर शासन करना चाहती है। उदयनिधि ने कहा, ‘‘अगर आप इस स्थिति को बदलना चाहते हैं, तो इस चुनाव में द्रमुक, कांग्रेस और वीसीके गठबंधन का समर्थन करें।’’
उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने पुडुचेरी विश्वविद्यालय में पुडुचेरी के छात्रों के लिए 25 प्रतिशत आरक्षण की मांग को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
भाषा संतोष सुरेश
सुरेश