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राहुल ने मोदी और विजयन को ‘अहंकारी’ बताया; एलडीएफ के ‘हू एल्स’ अभियान की निंदा की

त्रिशूर/पलक्कड (केरल), छह अप्रैल (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को ‘‘अहंकारी’’ व्यक्ति करार देते हुए आरोप लगाया कि उनकी मानसिकता लोगों के साथ मिलकर काम करने के बजाय उन पर राज करने की है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने त्रिशूर ज़िले के माला और कुन्नमकुलम, तथा साथ ही पलक्कड में चुनावी रैलियों को संबोधित किया।

तीनों जगहों पर गांधी ने इस आरोप को दोहराया कि नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) को वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) एवं भाजपा की संयुक्त ताकत का सामना करना पड़ रहा है।

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस और इसके नेतृत्व वाले यूडीएफ को भाजपा केरल तथा पूरे देश में अपनी मुख्य राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी मानती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि एलडीएफ को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से मदद मिल रही है।

गांधी ने माला में आयोजित रैली में कहा, ‘‘एलडीएफ की मदद करने वाला कोई ‘छिपा हुआ हाथ’ है।’’ उन्होंने दावा किया कि सत्तारूढ़ माकपा के कार्यकर्ता भी यह मानेंगे कि सरकार सच्चे वामपंथी प्रशासन के तौर पर काम नहीं कर रही है।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘इसके सबूत के तौर पर, प्रधानमंत्री मोदी दूसरी जगहों पर दिए गए अपने भाषणों में भगवान, मंदिरों और धर्म के बारे में बात करते हैं, लेकिन केरल में वह माकपा नेताओं से जुड़े शबरिमला सोना चोरी मामले के बारे में बात नहीं करते। ऐसा इसलिए है क्योंकि वह मुख्यमंत्री और माकपा को बचाना चाहते हैं। उन्होंने यहाँ भगवान, हिंदू धर्म और मंदिरों को भुला दिया है, क्योंकि वह एलडीएफ को बचाना चाहते हैं।’’

कांग्रेस नेता ने विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों द्वारा चुनिंदा कार्रवाई किए जाने का आरोप भी लगाया।

गांधी ने कहा, ‘‘उन्होंने मेरा सरकारी घर और मेरी (संसदीय) सदस्यता छीन ली, मुझसे पूछताछ की और मेरे खिलाफ मामले दर्ज किए, क्योंकि मैं उन पर हमला करता हूँ। लेकिन मुख्यमंत्री और उनके परिवार को छुआ तक नहीं गया। उनके खिलाफ ईडी या सीबीआई की कोई कार्रवाई नहीं हुई है।’’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह साफ़ है कि हम जिस चीज़ से लड़ रहे हैं, वह एक साझेदारी है। याद रखिए कि इस साझेदारी में कौन शामिल है। इस साझेदारी में वही लोग शामिल हैं जिन्होंने मणिपुर में आग लगाई, छत्तीसगढ़ में नर्सों पर हमला किया और भारत को धार्मिक आधार पर बांटते हुए नफ़रत एवं हिंसा फैलाई।’’

कुन्नमकुलम में गांधी ने कहा कि उन्हें भाजपा के हमलों की कोई परवाह नहीं है और वह अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

गांधी ने एलडीएफ से जुड़े एक चुनावी नारे की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने उन पोस्टर का ज़िक्र किया जिन पर विजयन की तस्वीर के साथ ‘‘हू एल्स’’ (और कौन) लिखा है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री कोई भगवान नहीं हैं कि केवल वही केरल पर राज करें। राज्य में हज़ारों प्रतिभाशाली लोग हैं, जिनमें अपार क्षमता वाली महिलाएं और केरल की सच्ची भावना रखने वाले लोग भी शामिल हैं।’’

गांधी ने इस नारे को राज्य की जनता का ‘‘अपमान’’ और ‘‘अहंकार की पराकाष्ठा’’ बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं मुख्यमंत्री को सलाह दूँगा कि वह इस अभियान को केरल की सड़कों से हटा लें। जब भी कोई केरलवासी उस पोस्टर को देखता है, तो इससे अपमान होता है।’’

गांधी ने कहा, ‘‘यही वह अहंकारी मानसिकता है जिससे हम लड़ रहे हैं। यह वही मानसिकता है जो नरेन्द्र मोदी, अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की है- यह सोच कि वे यहाँ लोगों पर राज करने आए हैं।’’

पलक्कड में उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद को भारत का प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि एक ‘‘राजा’’ मानते हैं।

गांधी ने दावा किया कि मोदी खुद को ऐसे व्यक्ति के रूप में पेश करते हैं जो ‘‘बायलॉजिकल’’ नहीं है और सीधे ईश्वर से संवाद करता है।

उन्होंने कहा, ‘‘ज़रा उस कल्पना के बारे में सोचिए जिसमें वह जी रहे हैं। केरल में भी ठीक वैसी ही स्थिति है। मुख्यमंत्री को लगता है कि वह केरल के राजा हैं। जो कोई भी उनका विरोध करता है, उस पर हमला किया जाता है।’’

माला में, गांधी ने कहा कि यह ‘‘बीमारी’’ भाजपा, आरएसएस और वाम मोर्चे में मौजूद है।

उन्होंने कहा, ‘‘वही मानसिकता जो नरेन्द्र मोदी और अमित शाह की है- कि वे शासन करने के लिए ही पैदा हुए हैं-वही मानसिकता मुख्यमंत्री की भी है।’’

गांधी ने कहा कि ऐसी मानसिकता देश को नुकसान पहुँचा रही है।

केरल के पिछले कांग्रेस नेताओं का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि के. करुणाकरण, ओमन चांडी और ए.के. एंटनी ने ऐसे नेतृत्व की मिसाल पेश की जिसकी जड़ें विनम्रता और जनसेवा में थीं।

उन्होंने वैश्विक और राष्ट्रीय नेतृत्व से जुड़े एक सत्ता-समीकरण का भी आरोप लगाया।

गांधी ने कोई विवरण दिए बिना कहा, ‘‘अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुले तौर पर कहते हैं कि जब चाहें, नरेन्द्र मोदी को खत्म कर सकते हैं। और केरल के मुख्यमंत्री का भी मोदी और अमित शाह के साथ ठीक वैसा ही रिश्ता है। इसकी वजह उनका और उनके परिवार का भ्रष्टाचार है।’’

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘यह एक सीधा-सादा सच है कि अगर आप ज़रा-सा भी भ्रष्टाचार में शामिल हैं, तो आप पर मोदी और शाह का नियंत्रण होगा। केरल के मुख्यमंत्री के साथ भी यही हुआ है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यूक्रेन में युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों का असर ईंधन की कीमतों और उर्वरकों की उपलब्धता पर पड़ेगा। इन घटनाक्रमों को कम करके नहीं आंका जाना चाहिए।’’

कांग्रेस नीत यूडीएफ के वादों के बारे में गांधी ने कहा कि गठबंधन ने मुश्किल समय में लोगों की मदद के लिए पाँच गारंटियों का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि इनमें केएसआरटीसी बसों में महिलाओं के लिए मुफ़्त यात्रा, कॉलेज जाने वाली लड़कियों के लिए हर महीने 1,000 रुपये, सामाजिक कल्याण पेंशन बढ़ाकर 3,000 रुपये करना, परिवारों के लिए 25 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवरेज और युवा उद्यमियों के लिए पांच लाख रुपये तक का ब्याज़-मुक्त ऋण शामिल है।

भाषा नेत्रपाल नरेश

नरेश