जम्मू, तीन अप्रैल (भाषा) भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने कहा है कि जम्मू कश्मीर सरकार ने मार्च 2024 तक केंद्र से प्राप्त 12,000 करोड़ रुपये से अधिक के अनुदानों के लिए उपयोगिता प्रमाणपत्र (यूसी) जमा नहीं किए।
शीर्ष लेखा-परीक्षा निकाय ने कहा कि यूसी जमा नहीं किए जाने का अर्थ है कि प्राधिकारियों ने इन वर्षों के दौरान धनराशि के उपयोग का हिसाब नहीं दिया है।
वित्त वर्ष 2023-24 के अंत तक की वित्तीय स्थिति पर कैग की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘12,074.25 करोड़ रुपये के उपयोगिता प्रमाणपत्र (3,663 यूसी) लंबित थे जो प्रशासनिक विभागों में आंतरिक नियंत्रण की कमी को दर्शाता है।’’
रिपोर्ट में प्रशासनिक विभागों के भीतर कमजोर आंतरिक नियंत्रण की ओर इशारा किया गया। इसमें कहा गया है कि ये प्रमाण पत्र जमा नहीं किए जाने का मतबल है कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि धनराशि का उपयोग उसके निर्धारित उद्देश्यों के लिए किया गया।
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