नयी दिल्ली, तीन अप्रैल (भाषा) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) लिबरेशन के सांसद राजा राम सिंह ने शुक्रवार को केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया को पत्र लिखकर भारत में अमेरिकी कंपनी ओरेकल कॉर्पोरेशन द्वारा बड़े पैमाने पर की गई छंटनी पर चिंता जताई और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए तत्काल सरकारी हस्तक्षेप का आग्रह किया।
मंत्री को लिखे अपने पत्र में सिंह ने सॉफ्टवेयर कंपनी द्वारा 12,000 भारतीय कर्मचारियों की छंटनी पर 'गहरी चिंता' व्यक्त की और कहा कि यह कदम 'न केवल कॉर्पोरेट की जवाबदेही से जुड़ा है, बल्कि श्रमिकों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा में सरकार की भूमिका के बारे में भी गंभीर सवाल उठाता है'।
उन्होंने कहा कि भारत में काम करने वाली कंपनियों को 'पर्याप्त कर रियायतों, सार्वजनिक बुनियादी ढांचों और अनुकूल नीति वाले माहौल' से लाभ होता है, लेकिन ऐसे प्रोत्साहन रोजगार पैदा करने की जिम्मेदारी के साथ होने चाहिए।
वामपंथी नेता ने कहा, ‘‘इस तरह की मनमानी और बड़े पैमाने पर छंटनी जैसी कार्रवाइयां सामाजिक दायित्व के साथ विश्वासघात है और सम्मानजनक रोजगार की नींव को नष्ट कर देती हैं।’’
नौकरी में कटौती के तरीके पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘हजारों कर्मचारियों को बिना किसी नोटिस के नौकरी से निकालना, नौकरी की सुरक्षा और मानवीय गरिमा के बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन है।’’
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