भुवनेश्वर, तीन अप्रैल (भाषा) बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस ने पलासा-इच्छापुरम खंड को पूर्वी तटीय रेलवे (ईसीओआर) के अधिकार क्षेत्र से बाहर करने के रेलवे बोर्ड के फैसले का विरोध करते हुए इसे वापस लेने की शुक्रवार को मांग की।
इस निर्णय का सत्तारूढ़ भाजपा के कुछ नेताओं ने भी स्वागत नहीं किया है।
पलासा-इच्छापुरम खंड फिलहाल पूर्वी तटीय रेलवे के खोरधा रोड मंडल के अधीन है, और रेलवे बोर्ड ने इसे नए बनाए गए दक्षिण तटीय रेलवे (एसीओआर) जोन में शामिल करने का फैसला किया है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखे पत्र में बीजद सांसद सस्मित पात्रा ने कहा कि इस फैसले का ओडिशा पर असर पड़ेगा, जो कोयला, खनिज और औद्योगिक उत्पादन के जरिए रेलवे की माल ढुलाई आय में बड़ा योगदान देता है।
उन्होंने कहा कि ऐसे उच्च राजस्व वाले खंड के अधिकार क्षेत्र में बदलाव से वित्तीय नुकसान, प्रशासनिक नियंत्रण में कमी और रेलवे नेटवर्क की योजना व प्राथमिकताओं में ओडिशा की भूमिका कमजोर हो सकती है।
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने ‘एक्स’ पर कहा, “पलासा–इच्छापुरम खंड को खोरधा रोड मंडल से हटाकर एससीओआर की विशाखापत्तनम डिवीजन में शामिल करना ओडिशा के साथ सौतेला व्यवहार है।”
उन्होंने दावा किया कि रेलवे को भारी राजस्व देने के बावजूद ओडिशा को बुनियादी ढांचे के विकास से वंचित किया जा रहा है और उसकी संपत्तियों को प्रशासनिक नियंत्रण से बाहर किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “यह अन्याय स्वीकार नहीं है। ओडिशा को उसका हक मिलना चाहिए।”
ब्रह्मपुर से भाजपा सांसद प्रदीप कुमार पाणिग्राही ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “मैंने माननीय मुख्यमंत्री मोहन माझी को पलासा–इच्छापुरम रेल खंड को एससीओआर (विशाखापत्तनम) में मिलाने की चिंताजनक खबरों पर पत्र लिखा है। हमें ओडिशा की रेलवे संप्रभुता की रक्षा करनी चाहिए।”
भाजपा विधायक पूर्ण चंद्र सेठी ने कहा कि विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही वैष्णव से मुलाकात कर इस फैसले की समीक्षा करने का अनुरोध करेगा।
भाषा जोहेब दिलीप
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