ईटानगर, तीन अप्रैल (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने शुक्रवार को कहा कि संसद में जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2026 का पारित होना भरोसा-आधारित शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और यह आपराधिक प्रावधानों को कम करने और कानूनों को सरल बनाने के केंद्र के प्रयासों को दर्शाता है।
देश के कारोबारी माहौल को और बेहतर बनाने के लिए छोटे-मोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने और उन्हें तर्कसंगत बनाने के वास्ते 79 केंद्रीय कानूनों के 784 प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव करने वाले जन विश्वास विधेयक को बृहस्पतिवार को संसद की मंजूरी मिल गई।
खांडू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर किए गए कई पोस्ट में कहा कि प्रस्तावित कानून भारत के उस बदलाव को दर्शाता है, जिसमें दंड के भय पर आधारित व्यवस्था से हटकर अनुपालन, निष्पक्षता और भरोसे पर आधारित प्रणाली की ओर बढ़ा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विधेयक में सजा से पहले चेतावनी, अनुपातिक दंड, विवादों के त्वरित एवं निष्पक्ष समाधान तथा एक गतिशील दंड ढांचे जैसे सुधार शामिल हैं, जिनका उद्देश्य नागरिकों पर भरोसा करते हुए जिम्मेदार अनुपालन को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने दशकों तक पुराने और औपनिवेशिक काल के कानूनों का बोझ ढोया है।
जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2026 का उद्देश्य अत्यधिक आपराधिक प्रावधानों की जगह संतुलित दंड व्यवस्था वाले आधुनिक प्रावधान लागू करना है, ताकि नागरिकों और व्यवसायों के लिए सहायक शासन व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा सके।
भाषा
राखी सिम्मी
सिम्मी