गुवाहाटी, तीन अप्रैल (भाषा) एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को कहा कि भाजपा तथा कांग्रेस एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, और दोनों में से कोई भी पार्टी असम में मजबूत मुस्लिम नेतृत्व नहीं चाहती।
गोलपाड़ा और धुबरी में एआईयूडीएफ उम्मीदवारों के पक्ष में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए हैदराबाद के सांसद ने कहा कि मुसलमानों की तकलीफ़ों के लिए दोनों ही दल ज़िम्मेदार हैं, और राज्य में अल्पसंख्यक समुदाय का एक मज़बूत नेतृत्व होना ज़रूरी है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं असम में मुस्लिम नेतृत्व को मज़बूत करने और यह सुनिश्चित करने आया हूँ कि मुसलमानों के जीवन में सुधार हो, ताकि वे गरिमापूर्ण जीवन जी सकें।’’
ओवैसी ने भाजपा नेता और मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा पर ‘‘नफ़रत की राजनीति’’ करने तथा राज्य में हिंसा भड़काने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस भी कोई बेहतर नहीं है, क्योंकि उसने ही राज्य में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) की शुरुआत की थी।
ओवैसी ने कहा कि वह वोट मांगने नहीं आए हैं, बल्कि उन मुसलमानों की तकलीफ़ उन्हें असम ले आई है, जिन्हें उनके घरों और ज़मीनों से बेदखल कर दिया गया है।
एआईएमआईएम ने असम विधानसभा चुनाव में कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है और एआईयूडीएफ का समर्थन कर रही है।
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए नौ अप्रैल को चुनाव होगा और मतों की गिनती चार मई को होगी।
भाषा
नेत्रपाल अविनाश
अविनाश