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चंद्रशेखरन ने टाटा समूह के शीर्ष कार्यकारियों से कठिन कारोबारी माहौल के लिए तैयार रहने को कहा

नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने समूह की कंपनियों के 30 से अधिक मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) और प्रबंध निदेशकों को कठिन कारोबारी माहौल के लिए तैयार रहने को कहा है।

सूत्रों के अनुसार, चंद्रशेखरन ने बृहस्पतिवार को पश्चिम एशिया में युद्ध के प्रभाव पर एक समीक्षा बैठक के दौरान यह बात कही। युद्ध के कारण आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो गई है।

चंद्रशेखरन ने शीर्ष कार्यकारियों को बताया कि क्षेत्र में वोल्टास, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड और टाइटन कंपनी (डामास सहित) के 10,000 से अधिक कर्मचारी तैनात हैं। प्रत्यक्ष जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति के अनुसार उन्होंने इन कर्मचारियों की वापसी के लिए उठाए गए कदमों की रूपरेखा भी साझा की।

सूत्रों ने कहा कि आकलन के दौरान एक साझा बात यह निकलकर आई कि आपूर्ति श्रृंखला में बाधा और बढ़ती जिंस कीमतों का असर मांग पर पड़ेगा और इससे परिचालन लागत बढ़ेगी, जिसके चलते मार्जिन पर दबाव आएगा।

कई कंपनियों के लिए इसका मतलब यह होगा कि उत्पादन क्षमता से कम रह सकता है। बुनियादी ढांचे या क्षमता निर्माण से जुड़ी अन्य कंपनियों के लिए आपूर्ति में देरी का असर समयसीमा और जनशक्ति, दोनों पर पड़ेगा। कुछ कंपनियों पर तेल की कीमतों का सीधा और गहरा असर होगा।

सूत्र ने बताया, ‘‘चेयरमैन ने कंपनियों को मांग में कमी, आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने से परियोजनाओं में देरी और तेल की कीमतों, मुद्रा के उतार-चढ़ाव तथा लॉजिस्टिक लागत बढ़ने जैसे कठिन व्यावसायिक माहौल के लिए तैयार रहने को कहा है।’’

चंद्रशेखरन ने नकदी के सावधानीपूर्वक और विवेकपूर्ण प्रबंधन तथा बचत पर ध्यान केंद्रित करने की भी सिफारिश की। उन्होंने परियोजनाओं के शुरू होने के समय का सावधानीपूर्वक चयन करने और अगर जरूरी हो तो समय-सीमा पर फिर से विचार करने की सलाह दी।

भाषा पाण्डेय अजय

अजय