नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के प्रभाव से निपटने में निर्यातकों की मदद के लिए कई उपायों की घोषणा की है और कुछ और फैसले विचाराधीन हैं।
ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमले ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में जहाजों की आवाजाही को बाधित कर दिया है। इससे व्यापारियों के लिए हवाई माल ढुलाई और बीमा लागत में भी वृद्धि हुई है।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘निर्यातकों की मदद के लिए, सरकार ने एक राहत पैकेज के माध्यम से कुछ फैसलों की घोषणा की है। कुछ और फैसले विचाराधीन हैं, जिन पर विभिन्न स्तरों और मंत्रालयों में विचार किया जा रहा है।’’
राहत उपायों के तहत, सरकार कुछ माल ढुलाई सब्सिडी प्रदान करने पर विचार कर रही है।
सरकार ने पिछले महीने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण प्रभावित निर्यातकों के लिए 497 करोड़ रुपये की ‘रिलीफ’ (निर्यात सुविधा के लिए मजबूत और लॉजिस्टिक हस्तक्षेप) योजना शुरू की थी।
गोयल ने बताया कि कैमरून में विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की बैठक के दौरान अन्य देशों के व्यापार मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकों में, नेताओं ने युद्ध के प्रभाव पर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा, ‘‘इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा है। इससे वैश्विक व्यापार प्रभावित हो रहा है। विशेष रूप से संपत्ति और निर्दोष लोगों की जान का नुकसान हम सभी के लिए चिंता का विषय है। खुले समुद्रों में माल की निर्बाध आवाजाही में आ रही कठिनाइयां एक और मुद्दा है जिसके शीघ्र समाधान की हम सभी सामूहिक रूप से उम्मीद करते हैं।’’
गोयल ने कहा कि भारत ने खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा के मामले में मजबूती दिखायी है और देश ‘काफी हद तक’ सुरक्षित और मजबूत बना हुआ है।
उन्होंने कहा, ‘‘उपभोक्ताओं को एलपीजी मिल रही है। औद्योगिक एलएनजी की आपूर्ति अब 80 प्रतिशत स्तर पर बहाल हो गई है और कई क्षेत्रों को पूरी एलएनजी मिल रही है। पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है। हमारी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार है और भविष्य के लिए आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी की नई खेप आ रही है।’’
देश के वस्तु निर्यात में सालाना आधार पर मामूली 0.81 प्रतिशत की गिरावट आई और यह फरवरी में 36.61 अरब डॉलर रहा, जबकि व्यापार घाटा पिछले महीने की तुलना में घटकर 27.1 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया।
देश की निर्यात वृद्धि 21 मार्च तक स्थिर बनी हुई है। पूरे महीने के आंकड़े 15 अप्रैल को जारी किए जाएंगे।
भाषा रमण अजय
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