Breaking News

होर्मुज से निकलने वाले जहाजों से जल्द शुल्क वसूलना शुरू करेंगे- बोले ईरान के मंत्री     |   जेपी नड्डा समेत अन्य BJP नेता कई जगह कल NDA उम्मीदवारों के लिए प्रचार करेंगे     |   अर्जेंटीना ने ईरान के चार्ज डी'अफेयर्स को देश से निकाला     |   लोकसभा 16 अप्रैल तक के लिए स्थगित, स्पीकर ओम बिरला ने कहा- हम फिर बैठेंगे     |   ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिका से जुड़े स्टील और एल्युमीनियम प्लांट्स पर हमला किया     |  

बिहार का बीते वित्त वर्ष में जीएसटी, गैर-जीएसटी से राजस्व संग्रह 43,324 करोड़ रुपये पर

पटना, दो अप्रैल (भाषा) बिहार के वित्त एवं वाणिज्य कर मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बृहस्पतिवार को कहा कि विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 में माल एवं सेवा कर (जीएसटी), मूल्य वर्धित कर (वैट) और अन्य स्रोतों से प्राप्त राजस्व को मिलाकर 43,324.79 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड संग्रह किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4.09 प्रतिशत अधिक है।

कर भवन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में विभाग ने 41,623.96 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया था। इस प्रकार चालू वित्त वर्ष में राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

इस मौके पर वाणिज्य कर विभाग के सचिव-सह-आयुक्त संजय कुमार सिंह ने बताया कि 43,324.79 करोड़ रुपये के कुल राजस्व संग्रह में से विभाग ने अकेले जीएसटी मद में 32,801 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जो वित्त वर्ष 2024-25 में एकत्र राजस्व से 11.7 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आईजीएसटी शेष में हुई कमी को पूरा करने के लिए 724 करोड़ रुपये की कटौती की, जिससे राज्य का जीएसटी संग्रह घटकर 32,077.22 करोड़ रुपये रह गया।

उन्होंने कहा कि इस कटौती के बावजूद राज्य में जीएसटी संग्रह में 9.20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर जीएसटी वृद्धि लगभग छह प्रतिशत रही। इस आधार पर जीएसटी संग्रह वृद्धि में बिहार देश में चौथे स्थान पर है।

मंत्री ने बताया कि उपभोक्ता वस्तुओं सहित कई वस्तुओं पर सितंबर, 2025 में जीएसटी दरों में कमी की गई थी। दरों में कमी के बावजूद विभाग ने उच्च सकल संग्रह हासिल किया। उन्होंने कहा कि राज्य ने वित्त वर्ष 2025-26 में 2024-25 की तुलना में सभी नकद संग्रह (एसजीएसटी, सीजीएसटी, आईजीएसटी और उपकर) में 10.60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।

उन्होंने कहा कि ये अस्थायी आंकड़े हैं तथा कुल राजस्व में और वृद्धि हो सकती है। मंत्री ने कहा कि जीएसटी दरों में कमी और विधानसभा चुनावों के बावजूद विभाग ने रिकॉर्ड राजस्व संग्रह कर सराहनीय कार्य किया है।

उन्होंने बताया कि मार्च, 2026 में राज्य में जीएसटी के तहत कुल कर संग्रह में मार्च, 2025 की तुलना में 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह वृद्धि लगभग पांच प्रतिशत रही।

उल्लेखनीय है कि वाणिज्य कर विभाग चार श्रेणियों में कर वसूलता है, जिनमें जीएसटी, पेट्रोल एवं डीजल पर वैट, बिजली शुल्क और व्यावसायिक कर शामिल हैं। मंत्री ने बताया कि विभाग ने गैर-जीएसटी मद में कुल 11,247.57 करोड़ रुपये जुटाए, जिसमें पेट्रोल पर वैट से 10,037.38 करोड़ रुपये, बिजली शुल्क से 983.81 करोड़ रुपये और पेशा कर से 226.38 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।

मंत्री ने कहा कि निबंधन विभाग ने भी राजस्व संग्रह की दिशा में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। वित्त वर्ष 2025-26 में निबंधन विभाग ने 8,250 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 8,403.46 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया, जो लक्ष्य का 101.86 प्रतिशत है।

उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में 7,500 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 7,648.88 करोड़ रुपये (101.98 प्रतिशत) का संग्रह हुआ था। इस प्रकार चालू वित्त वर्ष में राजस्व संग्रह में 754.58 करोड़ रुपये (9.86 प्रतिशत) की वृद्धि दर्ज की गई है।

मंत्री ने निबंधन से राजस्व प्राप्त करने वाले शीर्ष पांच जिलों और कार्यालयों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 31 मार्च को अकेले 14,905 दस्तावेज निबंधित किए गए, जिससे निबंधन विभाग को 107.74 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

भाषा कैलाश

राजकुमार अजय

अजय