तिरुवनंतपुरम/कोल्लम, दो अप्रैल (भाषा) कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने बृहस्पतिवार को केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की “बी-टीम” होने और राज्य में सत्ता में बने रहने के लिए हताशा में भाजपा के साथ गुपचुप तरीके से हाथ मिलाने का आरोप लगाया।
केरल विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के चुनाव अभियान के तहत तिरुवनंतपुरम के पुतनतोपु में एक नुक्कड़ सभा में प्रियंका ने आरोप लगाया कि मोदी ने पश्चिम एशिया संघर्ष के संबंध में अमेरिका और इजराइल के सामने “झुककर” ऐसी स्थिति पैदा कर दी है जहां भारत को भी अन्य देशों के साथ-साथ नुकसान उठाना पड़ेगा।
उन्होंने आरोप लगाया, “हमारे प्रधानमंत्री कायर, बिना रीढ़ के और दबाव में हैं। हम हर दिन इसकी कीमत चुका रहे हैं क्योंकि उनमें भारत के लिए खड़े होने का साहस नहीं है...।”
उन्होंने तिरुवनंतपुरम के कोल्लम और कौडियार में यूडीएफ की जनसभाओं में अपने आरोपों को दोहराया।
प्रियंका गांधी ने सार्वजनिक सभाओं में यह भी आरोप लगाया कि मोदी की नीतियों ने खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के दौरान वहां फंसे भारतीयों को सुरक्षा और संरक्षा प्रदान नहीं की।
कांग्रेस ने एलडीएफ और मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर मोदी की “बी-टीम” होने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “जरा सोचिए। ऐसे एक भी नेता का नाम बताइए जिसने नरेन्द्र मोदी के खिलाफ आवाज उठाई हो और प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग, सीबीआई या उनकी अन्य एजेंसियों द्वारा उसे निशाना न बनाया गया हो!”
प्रियंका ने कहा कि जब केरल के मुख्यमंत्री कहते हैं कि वह प्रधानमंत्री से लड़ रहे हैं, तो उन्हें हंसी आती है क्योंकि विजयन के खिलाफ एक भी मामला नहीं है और न ही कोई केंद्रीय एजेंसी उनके पीछे पड़ी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केरल के मुख्यमंत्री भी प्रधानमंत्री की तरह ही कमजोर हैं।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, “आपके मुख्यमंत्री खुद को और अपने भ्रष्टाचार को बचाने के लिए नरेन्द्र मोदी के सामने झुकते हैं, जबकि हमारे प्रधानमंत्री खुद को बचाने के लिए अमेरिका और इजराइल के सामने झुकते हैं। इसलिए, चाहे भारत हो या केरल, हम कायरों द्वारा शासित हैं।”
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा अमेरिका के हवाले कर दी है, जो यह तय करता है कि देश को तेल कहां से और कितनी मात्रा में खरीदना चाहिए।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि केरल में किसी भी वामपंथी नेता पर प्रधानमंत्री द्वारा हमला क्यों नहीं किया गया और उन्होंने दावा किया कि शबरिमला से कथित तौर पर सोने के गबन के मामले में मोदी चुप रहे।
कांग्रेस नेता ने कहा, “चाहे भाजपा हो या एलडीएफ, कृपया इस सच्चाई को स्वीकार करें कि वे ‘भ्रष्ट कॉरपोरेट दल’ हैं। वे काफी लंबे समय से सत्ता में हैं और अब बदलाव का समय आ गया है।”
उन्होंने वामपंथी सरकार पर यह आरोप भी लगाया कि सत्ता में रहने के दौरान उसने राज्य के लोगों को न्यूनतम अवसर उपलब्ध कराए।
कांग्रेस नेता ने वामपंथी सरकार पर राज्य के लोगों की जरूरतों और समस्याओं के प्रति “लापरवाह” होने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने आगे दावा किया कि केरल में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा रही है, क्योंकि सरकारी अस्पतालों में कर्मचारियों, चिकित्सा उपकरणों और दवाओं की कमी है।
उन्होंने केरल में वामपंथी दलों पर केवल “सत्ता बरकरार रखने” और भ्रष्टाचार में लिप्त रहने का आरोप लगाने के साथ ही दावा किया, “सत्ता में बने रहने के लिए वे इतने हताश हो गए हैं कि उन्होंने गुपचुप तरीके से भाजपा से हाथ मिला लिया है, जो वैचारिक रूप से उनसे बिलकुल अलग है।”
उन्होंने कहा, “अगर आप आज बदलाव नहीं लाते हैं, तो आपको अगले पांच साल तक भुगतना पड़ेगा। इसलिए, फैसला लें। आपको राजनीतिक नेताओं को अपने प्रति जवाबदेह बनाने का मौका मिल रहा है।”
केरल विधानसभा की कुल 140 सीटों के लिए चुनाव नौ अप्रैल को होगा।
भाषा प्रशांत नरेश
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