Breaking News

होर्मुज से निकलने वाले जहाजों से जल्द शुल्क वसूलना शुरू करेंगे- बोले ईरान के मंत्री     |   जेपी नड्डा समेत अन्य BJP नेता कई जगह कल NDA उम्मीदवारों के लिए प्रचार करेंगे     |   अर्जेंटीना ने ईरान के चार्ज डी'अफेयर्स को देश से निकाला     |   लोकसभा 16 अप्रैल तक के लिए स्थगित, स्पीकर ओम बिरला ने कहा- हम फिर बैठेंगे     |   ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिका से जुड़े स्टील और एल्युमीनियम प्लांट्स पर हमला किया     |  

राज्यसभा की कार्यवाही आज स्थगित होगी, 'महत्वपूर्ण विधेयक' के लिए पुन: बैठक होगी: रीजीजू

(कॉपी में सुधार के साथ)

नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) संसद में महिला आरक्षण विधेयक लागू करने के लिए लोकसभा में सीटें बढ़ाने के उद्देश्य से एक विधेयक लाने के संकेतों के बीच, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा को सूचित किया कि सदन की बैठक आज स्थगित होगी और जल्द ही ‘‘बहुत महत्वपूर्ण’’ विधेयक के लिए पुन: बैठक होगी।

इस मुद्दे पर सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तकरार भी हुई। सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा ने कहा कि किसी विधेयक को कब पेश किया जाना है, इसका निर्णय लेने का अधिकार सरकार के पास है। वहीं नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर “दबंगई” का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा महिला आरक्षण के मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।

प्रश्नकाल के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सरकार की योजना के बारे में सवाल किया। इसके जवाब में रीजीजू ने कहा कि राज्यसभा में आज आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक और जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक को चर्चा एवं पारित करने के लिया जाएगा।

संसद के बजट सत्र के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, बजट सत्र के दूसरे चरण का आज अंतिम दिन है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, यह विपक्ष के साथ भी साझा किया गया है। अगले 2-3 हफ्तों में हम एक बहुत महत्वपूर्ण विधेयक लाने वाले हैं। आज सरकार सदन को स्थगित करने का प्रस्ताव रखेगी और हम जल्द ही फिर मिलेंगे; उद्देश्य सदस्यों को ज्ञात है।’’

सरकार महिलाओं के आरक्षण कानून को लागू करने के लिए और लोकसभा की सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने के उद्देश्य से जनगणना से संबद्ध परिसीमन को अलग करने के लिए दो विधेयक लाने की खातिर विपक्ष के साथ बातचीत कर रही है।

कांग्रेस के जयराम रमेश ने कहा कि सरकार का इरादा सर्वदलीय बैठक बुलाने कहा है और विपक्ष की मांग है कि यह बैठक 29 अप्रैल को विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद बुलाई जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं वहां आदर्श आचार संहिता लागू है फिर भी सरकार विधेयक लाने पर जोर दे रही है।

उन्होंने कहा, “सरकार का एकमात्र उद्देश्य आचार संहिता का उल्लंघन कर इस विधेयक को पारित कराना और चुनावी लाभ हासिल करना है। यह पूरी तरह आपत्तिजनक है और सभी विपक्षी दल चाहते हैं कि सर्वदलीय बैठक 29 अप्रैल के बाद ही बुलाई जाए।”

इस पर रीजीजू ने कहा कि सरकार देश की महिलाओं के साथ किए गए वादे को पूरा करने के लिए बाध्य है।

उन्होंने कहा, “महत्वपूर्ण यह है कि संसद ने देश की महिलाओं के प्रति एक प्रतिबद्धता जताई है, जिसे पूरा करना हमारा कर्तव्य है। इसका किसी विशेष राज्य के चुनाव से कोई संबंध नहीं है। समय-सीमा को देखते हुए हमें इसे आगे बढ़ाना होगा।”

रीजीजू ने यह भी कहा, “इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।”

उच्च सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि कांग्रेस महिलाओं के लिए आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन प्रस्तावित विधेयक महत्वपूर्ण हैं और इनके दीर्घकालिक परिणाम होंगे। उन्होंने कहा ‘‘हम सभी महिला आरक्षण विधेयक के पक्ष में हैं... विधेयक कब और कैसे लाएं, इस पर खेल मत खेलिये।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव के समय विधेयक लाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।

रीजीजू ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा ‘‘मैं यह नहीं समझ पा रहा हूं कि कांग्रेस क्यों बैठक में शामिल नहीं होना चाहती।’’

इस मुद्दे पर अन्य विपक्षी दलों ने भी सरकार पर निशाना साधा। आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने सरकार पर इस विषय का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) की डॉ फौजिया खान ने सवाल किया कि क्या महिलाओं को राज्यसभा और राज्यों की विधान परिषदों में भी आरक्षण दिया जाएगा?

राष्ट्रीय जनता दल के मनोज झा ने महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों के भीतर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षण पर सरकार से रुख स्पष्ट करने की मांग की।

इस बीच, सदन के नेता जे पी नड्डा ने दोहराया कि विधायी कार्य कब किया जाए, यह तय करना सरकार का अधिकार है। उन्होंने कहा, “मैं पूरी जिम्मेदारी से कहता हूं कि विधायी कार्य के लिए तारीख और समय तय करने में सरकार सक्षम है।”

खरगे ने सवाल किया कि सरकार इतने समय तक इस विधेयक पर “सोई” क्यों रही। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र आपकी इच्छा से नहीं चल सकता। यदि आप इसे दबंगई से चलाने की कोशिश करेंगे, तो जनता और यह संसद इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।”

भाषा

मनीषा माधव

माधव अविनाश

अविनाश