Breaking News

ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिका से जुड़े स्टील और एल्युमीनियम प्लांट्स पर हमला किया     |   'LDF और UDF के वर्षों के कुशासन ने केरलम को पीछे धकेला’, पीएम मोदी का एक्स पोस्ट     |   हनी सिंह का विवादित गाना महिलाओं के प्रति अपमानजनक-बेहद अश्लील: दिल्ली HC     |   गौतम अडानी ने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्रभु श्रीराम के दर्शन किए     |   US-इजरायल से जंग के बीच ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट का 34वां दिन, NetBlocks का दावा     |  

भवानीपुर में शुभेंदु के नामांकन में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन; ममता के घर के पास भाजपा-तृणमूल कार्यकर्ता आए आमने-सामने

कोलकाता, दो अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी के नेता शुभेंदु आधिकारी के बृहस्पतिवार को भवानीपुर से नामांकन दाखिल करने को पार्टी ने शक्ति प्रदर्शन के तौर पर पेश किया और इस दौरान इलाके की सड़कों पर ‘जय श्री राम’ और ‘भाजपा जिंदाबाद’ के नारों की गूंज सुनाई देती रही। भवानीपुर लंबे समय से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का राजनीतिक गढ़ रहा है।

इस दौरान अधिकारी के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, प्रदेश पार्टी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और अन्य नेता भी मौजूद रहे।

भाजपा के पोस्टर-बैनर और झंडों तथा फूलों से सजे एक ट्रक के ऊपर खड़े होकर शाह ने हाथ हिलाकर लोगों और समर्थकों का अभिवादन किया। कड़ी सुरक्षा के बीच शाह का काफिला हाजरा क्रॉसिंग से आगे बढ़ा।

‘रोडशो’ शुरू होने से पहले हाजरा क्रॉसिंग पर एक सभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, “आज मैं विशेष रूप से शुभेंदु अधिकारी के नामांकन के लिए आया हूं।”

कुछ ही देर में शाह और अधिकारी विशेष रूप से सजाए गए वाहन पर सवार हुए और भवानीपुर से होते हुए आगे बढ़े।

शाह और अधिकारी जिस वाहन में सवार थे, उसमें भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य, रासबिहारी विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवार स्वपन दासगुप्ता और चौरंगी के प्रत्याशी संतोष पाठक भी मौजूद थे; यह इस बात को रेखांकित करता है कि भाजपा भवानीपुर की लड़ाई को अपने दक्षिण कोलकाता चुनाव अभियान का मुख्य केंद्र बनाने की कोशिश कर रही है।

रैली के कालीघाट के पास पहुंचते ही तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता और समर्थक सड़क किनारे जमा हो गए; वे पार्टी के हरे-सफेद झंडे लहरा रहे थे और ‘जय बांग्ला’ तथा ‘ममता बनर्जी ज़िंदाबाद’ के नारे लगा रहे थे। कालीघाट का यह इलाका बनर्जी के घर से महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर है।

कालीघाट के पास भाजपा के रोडशो और तृणमूल कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने के बाद स्थिति तनावपूर्ण बन गई।

कुछ देर दोनों विरोधी दलों के समर्थक एक-दूसरे से महज कुछ ही मीटर की दूरी पर खड़े होकर नारेबाजी करते रहे।

किसी भी तरह की झड़प को रोकने के लिए भारी संख्या में मौजूद पुलिसबल दोनों पक्षों को एक दूसरे से अलग रखते नजर आया।

भाषा यासिर प्रशांत

प्रशांत