Breaking News

जेपी नड्डा समेत अन्य BJP नेता कई जगह कल NDA उम्मीदवारों के लिए प्रचार करेंगे     |   अर्जेंटीना ने ईरान के चार्ज डी'अफेयर्स को देश से निकाला     |   लोकसभा 16 अप्रैल तक के लिए स्थगित, स्पीकर ओम बिरला ने कहा- हम फिर बैठेंगे     |   ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिका से जुड़े स्टील और एल्युमीनियम प्लांट्स पर हमला किया     |   'LDF और UDF के वर्षों के कुशासन ने केरलम को पीछे धकेला’, पीएम मोदी का एक्स पोस्ट     |  

एलपीजी, ईंधन आपूर्ति को लेकर कांग्रेस ने जमीनी हकीकत पर उठाये सवाल

नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा मामलों पर मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) की बैठक में, पश्चिम एशिया संकट के कारण आवश्यक आपूर्ति पर पड़ने वाले प्रभाव की समीक्षा करने के एक दिन बाद बृहस्पतिवार को भाजपा और कांग्रेस के बीच एलपीजी और ईंधन की उपलब्धता को लेकर तीखी बहस हुई।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान के अनुसार, पश्चिम एशिया संघर्ष के मद्देनजर मंत्रालयों और विभागों द्वारा किये गए उपायों की समीक्षा करने और उस संदर्भ में आगे की पहल पर चर्चा करने के लिए बैठक आयोजित की गई।

इस मुद्दे पर समिति की यह दूसरी विशेष बैठक थी। पहली बैठक 22 मार्च को हुई थी।

बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वे मौजूदा वैश्विक स्थिति से प्रभावित नागरिकों और विभिन्न क्षेत्रों की समस्याओं को कम करने के लिए हर संभव उपाय करें।

ईंधन की आपूर्ति और कीमतों को लेकर चिंताओं के बीच, भाजपा ने दावा किया कि सरकार स्थिति को सक्रिय रूप से प्रबंधित कर रही है, जबकि कांग्रेस ने एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की जमीनी स्तर पर उपलब्धता को लेकर सवाल उठाया।

विपक्ष पर दहशत फैलाने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, ‘‘लोग अफवाहें फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। यहीं (संसद में) खड़े होकर राहुल गांधी ने बयान दिया था कि पेट्रोल और डीजल दो दिन में खत्म हो जाएंगे? सभी पड़ोसी देशों और अन्य देशों में इतने प्रतिबंध हैं, लेकिन हमारे देश में सब कुछ सुचारू रूप से चल रहा है।’’

उन्होंने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि वैश्विक संकट के बीच देश की प्रगति अच्छी है, ऐसे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विरोध करते हुए भारत के खिलाफ जाने की मानसिकता बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘यह एक प्रतिबद्ध सरकार की जिम्मेदारी और कर्तव्य है और प्रधानमंत्री ने इसे प्रभावी ढंग से निभाया है। ऐसे समय में जब दुनिया मुद्रास्फीति और आवश्यक वस्तुओं की कमी से जूझ रही है, वह अपनी मंत्रिपरिषद के साथ मिलकर उर्वरक की कीमतों में वृद्धि न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से हर पहलू पर नजर रख रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘40 पेट्रोलियम उत्पादों पर छूट दी गई है, और कई मामलों में सीमा शुल्क भी माफ कर दिया गया है। पेट्रोल और डीजल पर शुल्क में कटौती करके 10 रुपये प्रति लीटर की राहत दी गई है। यह प्रधानमंत्री के कीमतों को नियंत्रण में रखने के व्यापक प्रयासों को दर्शाता है।’’

भाजपा सांसद मदन राठौर ने भी इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पर्याप्त भंडार तथा सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘आज भी आपूर्ति जारी है। हमारे जहाज भी होर्मुज के रास्ते सुरक्षित पहुंच रहे हैं और किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं है। प्रधानमंत्री ने पूरे देश के लिए सभी आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था और भंडार सुनिश्चित कर लिया है।’’

विपक्ष पर निशाना साधते हुए राठौर ने कहा कि उनके शब्दों का चयन अनुचित है और लोकतंत्र की भावना के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें विरोध करने की छूट है, लेकिन उनकी भाषा संयमित होनी चाहिए। उनका भाषण महज आलोचना बनकर रह गया है।’’

भाजपा सांसद राजकुमार चाहर ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों पर इसका कोई असर न पड़े।

हालांकि, कांग्रेस ने सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि असली परीक्षा तो जमीनी स्तर पर उपलब्धता में होगी।

कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा, ‘‘अगर संकट नहीं है, तो इसका असर जमीनी स्तर पर दिखना चाहिए। उपभोक्ता को भरोसा होना चाहिए। उन्हें मांग पर एलपीजी, पेट्रोल और डीजल मिलना चाहिए और अगर ऐसा है, अगर कोई दबाव नहीं है, तो प्रधानमंत्री जो कुछ कह रहे हैं वह सच है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अगर उपभोक्ता दबाव में है और परेशान महसूस कर रहा है, तो प्रधानमंत्री सच नहीं बोल रहे हैं।’’

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने राजनयिक प्रयासों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि सरकार कब तक इस ‘‘अस्थायी समाधान’’ वाले रवैये को जारी रखेगी।

उन्होंने सवाल किया, ‘‘होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए क्या राजनयिक प्रयास किए जा रहे हैं? उत्पाद शुल्क कम करके और सीमा शुल्क हटाकर आप आपात स्थिति से निपट सकते हैं। सरकार कब तक इस अस्थायी समाधान को जारी रखेगी?’’

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को यह जवाब देना चाहिए कि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने तक पर्याप्त मात्रा में कच्चा तेल और गैस कब तक उपलब्ध होगा।’’

उन्होंने कहा कि चीन, तुर्किये और यहां तक ​​कि पाकिस्तान सहित कई देश मध्यस्थता कर रहे हैं और उन्होंने सवाल किया कि खाड़ी युद्ध को रोकने के लिए भारत सरकार कूटनीतिक रूप से क्या कर रही है।

कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमन सिंह ने आरोप लगाया कि अप्रैल के बाद से हर चीज की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने दावा किया, ‘‘(चार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में) चुनाव संपन्न होने के बाद आने वाले दिनों में उर्वरक, पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी बढ़ेंगी।’’

भाषा सुभाष माधव

माधव