दुनिया की सबसे छोटी पुंगनूर गाय का दर्शन अब मेरठ में भी कर सकेंगे। मेरठ में शशीभूषण, ब्रजभूषण माहेश्वरी अपने घर पर पुगनुर गाय लाए हैं। गाय का एक जोड़ा घर पर लेकर आए हैं। बता दें कि पुंगनूर गाय, दुनिया की सबसे छोटी गायों में से एक है। यह एक दुर्लभ प्रजाति की गाय है और आंध्र प्रदेश के चित्तूर ज़िले के शहर पुंगनूर पर इसका नाम रखा गया है।
जहां बृहस्पतिवार को जैसे ही नन्हीं सी गाय उनके घर पहुंची तो पूरा परिवार ही नहीं पड़ोसी भी उल्लासित हो गए। बच्चे उसे अपना खिलौना समझकर खेल रहे हैं। पड़ोसी और रिश्तेदार गाय का दर्शन करने उनके घर आ रहे हैं। गौसेवक माहेश्वरी परिवार भी गाय की जोड़ी को बच्चों की तरह प्यार, दुलार कर रहा है। उसे घर में ही अंदर रखा है।
आपको बता दें मेरठ बेगमबाग शिवलोक कालोनी निवासी शशीभूषण और ब्रजभूषण माहेश्वरी अपने घर पुंगनूर गाय की जोड़ी लाए हैं। दुनिया की सबसे छोटी गाय पुंगनूर गाय मात्र दो से ढाई फुट की होती है। खुद प्रधानमंत्री मोदी गाय की इस प्रजाति को बढ़ाने के लिए कई बार अपने भाषणों में संदेश दे चुके हैं। वे स्वयं इन गायों के साथ काफी वक्त बिताते हैं।
कैसी होती है पुंगनूर गाय... जानें खासियत
(1) यह गाय छोटे कद की होती है। इसकी औसत ऊंचाई 3 से 5 फ़ीट और वज़न 115 से 200 किलोग्राम तक होता है।
(2) इसका रंग सफ़ेद, भूरा या हल्के भूरे से लेकर गहरे भूरे या लाल होता है।
(3) इसका माथा चौड़ा होता है और सींग छोटे और अर्धचंद्राकार होते हैं। इसकी पूंछ लंबी होती है और ज़मीन तक जाती है।
(4) इसके कान बाहर और पीछे की तरफ़ खड़े रहते हैं।
(5) कमर के हिस्से में एक छोटा सा घुमाव होता है।
(6) पुंगनूर गाय के दूध में 8 प्रतिशत तक फैट पाया जाता है।
(7) इसके दूध में ओमेगा फैटी एसिड, कैल्शियम, पोटैशियम, और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व भी भरपूर मात्रा में होते हैं।
(8) पुंगनूर गाय के मूत्र में एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं।
(9) आंध्र प्रदेश के किसान इसका इस्तेमाल फ़सलों पर छिड़काव के लिए करते हैं।