Breaking News

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 15 जून से कमर्शियल उड़ानें शुरू होंगी, मंजूरी मिली     |   पंजाब विधानसभा स्पीकर ने CM मान का डोप टेस्ट कराने की कांग्रेस की मांग खारिज की     |   जाब CM भगवंत मान ने कर्मचारियों के मिनिमम वेज में 15 फीसदी बढ़ोतरी का ऐलान किया     |   पंजाब: ‘कांग्रेस वॉकआउट के बहाने ढूंढ रही’, लेबर डे पर विधानसभा में बोले CM मान     |   भारत का पहला मल्टी-लेन फ्री फ्लो बैरियर सिस्टम गुजरात में चोर्यासी टोल पर लॉन्च     |  

कांवड़ में दादा-दादी को बैठा पहुंचे शिवभक्त, देखते ही लोग बोले- इस युग के 'श्रवण कुमार'

मेरठ में चल रही कांवड़ यात्रा से चर्चित तस्वीरें सामने आ रही हैं। इन्हीं में एक दादा-दादी को कांवड़ में लेकर चल रहे 4 पोतों की है। जो कोई इन्हें देखता है, फोटो लेने से नहीं चूकता। लोग कहते हैं- ये इस युग के श्रवण कुमार जैसे ही हैं। कांवड़ यात्रा में युवा माता-पिता, गुरुओं और दादा, दादी को पालकी में बैठाकर कांवड़ लेकर आ रहे हैं। मेरठ, मवाना हस्तिनापुर थानाक्षेत्र के गांव अकबरपुर गढ़ी प्रतापनगर निवासी सचिन अपने 3 और भाइयों के साथ बुजुर्ग दादा, दादी को पालकी में बैठाकर गंगाजल लेकर आए हैं।

आपको बता दे पोतों के एक कांधे पर 85 साल के दादा प्रेमचंद और दूसरे कांधे पर 83 साल की दादी समुंद्री हैं। दोनों कहते हैं जीवनभर इच्छा थी कि कांवड़ लेकर आएं। लेकिन ला नहीं सके, अब पोतों ने इच्छा पूरी कर दी। कहते हैं अब कोई इच्छा बाकी नहीं रही, भगवान हमारे परिवार को खुश रखें। सचिन अपने तीन भाइयों संग मिलकर दादा, दादी को कांवड़ यात्रा पर लेकर गए। हरिद्वार, हरि की पैड़ी से गंगाजल लिया। 190 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करके घर लौटे हैं। अकबरपुर गढ़ी प्रतापनगर निवासी सचिन कश्यप ने अपने भाई अनिल, सुनील राहुल सावन के श्रावण मास के पवित्र महीने में अपनी दादी सुमंद्री एवं दादा प्रेमचंद को दूसरी बार कांवड़ से तीर्थ कराने का संकल्प लिया।

मीडिया से बात करते हुए सचिन ने बताया कि 19 जुलाई को हरिद्वार से गंगाजल उठाकर अपनी दादा-दादी को कांवड़ में बिठाकर हरिद्वार से अपनी गंतव्य की और बढ़े। कठिनाइयों का सामना करते हुए वह दस दिन में हरिद्वार से मवाना पहुंचे। दादा-दादी में करीब एक कुंतल वजन है। दोनों पलड़ों का वजन बराबर होने पर वह अपने दादा-दादी को लेकर हरिद्वार से चलकर मवाना तक पहुंचा और रात्रि विश्राम किया। सचिन की दादा, दादी को लेकर जाने की यह दूसरी कांवड़ यात्रा थी। 17 जुलाई को हरिद्वार की हरि की पैड़ी पहुंच गया था। सचिन और उसके तीनों भाई अनिल सुनील एवं राहुल के साथ शिवम, अभिषेक, कृष्ण, मोनू एवं कुलदीप इस कांवड़ में उसके साथ थे। करीब 10 दिन की यात्रा पूरी कर ये टोली मेरठ लौटी है। जहां घरवालों ने इनका स्वागत किया।

उन्होंने कहा दादा-दादी के हाथों से अपने गांव के शिवालय में गंगाजल से जलाभिषेक भी करेगा। कहा कि सनातन धर्म के अनुसार माता-पिता और पुरखों का ऋण जन्म-जन्मान्तर तक रहता है। श्राद्धपक्ष में हर साल पितृ को पूजा जाता है।