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प्रयागराज में बाढ़ का खतरा, गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में रहने वाले लोग परेशान

Uttar Pradesh: प्रयागराज का ये हाल बिना बारिश के है। घाटों से लेकर साधु-संतों के ठिकाने तक सब सैलाब में डूब चुका है। उत्तर भारत के ऊपरी इलाकों में भारी बारिश और बांधों से छोड़े गए पानी के कारण गंगा और यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसकी वजह से नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को बाढ़ का खतरा सता रहा है।

गंगा और यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से घाट भी सैलाब में समा चुके हैं। हालात ऐसे है कि पूजा-पाठ करने आने वाले लोगों के लिए पैर रखने तक जगह नहीं है। इसके अलावा, घाटों पर जलकुंभी ने भी डेरा जमा लिया है। इसकी वजह से घाट पर धार्मिक अनुष्ठान करने और स्नान करने आने वाले लोगों को काफी दिक्कतें हो रही है। 

कई लोगों को डर है कि जलकुंभी के बीच खतरनाक जीव जंतु हो सकते हैं। ऐसे में लोग घाट पर स्नान करने या पूजा-पाठ करने से परहेज कर रहे हैं। इस बीच, भारतीय मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में प्रयागराज में बादल छाए रहने और कुछ जगहों पर गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई है। इससे प्रयागराज में गंगा और यमुना नदी के किनारे रहने वाले लोगों के साथ-साथ धार्मिक अनुष्ठान करने आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए और भी परेशानी पैदा हो सकती है।