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मेरठ: जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ सदस्यों ने खोला मोर्चा, कमिश्नर को सौंपा शिकायतों का पुलिंदा

मेरठ में जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ पंचायत सदस्यों ने मोर्चा खोल दिया है। बृहस्पतिवार को तमाम पंचायत सदस्य लामबंद होकर मेरठ कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे से मिलने पहुंचे। पंचायत सदस्यों ने कमिश्नर को पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ शिकायतों का पुलिंदा सौंपा है। शिकायत करते हुए पंचायत सदस्यों ने कहा कि मेरठ जिला पंचायत की निधि को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाया जा रहा है। पंचायत अध्यक्ष जो भाजपा के नेता भी हैं वो महीनों विदेश में रहते हैं। विभाग की निधि का बंदरबांट कर रहे हैं।

जिसके बाद पंचायत सदस्य विपिन भड़ाना के साथ अन्य सदस्य कमिश्नर से मिलने पहुंचे। सदस्यों ने कहा कि जिला पंचायत में घोर अनियमितताएं हो रही हैं। लाइटों, सड़क निर्माण, कालोनी निर्माण, पदों पर मृतक आश्रित में रखे कर्मचारियों से लेकर तमाम काम हैं सभी में भ्रष्टाचार हो रहा है। कहा कि मेरठ के जिला पंचायत अध्यक्ष महीनों विदेश यात्राओं में रहते हैं। जबकि नियमानुसार ये गलत है। जिला पंचायत को लगातार लूटा जा रहा है। ठेकेदारों के साथ सेटिंग करके सारा भ्रष्टाचार हो रहा है।

मीडिया से बात करते हुए सदस्यों ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी ने जिला पंचायत को लूटा है। पंचायत सदस्यों को समान रूप से काम नहीं मिल रहा, वित्तीय अनियमितताएं लगातार हो रही हैं। पंचायत अध्यक्ष केवल अपने चहेतों को काम दे रहे हैं। इनके वित्तीय अधिकारों पर रोक लगनी चाहिए, जल्द से जल्द कमिश्नर इसकी जांच कराएं ताकि कार्रवाई हो सके और अध्यक्ष को पद से हटाया जा सके। 

जहां पर जिला पंचायत में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। आरोप लगाया कि पंचायत अध्यक्ष अवैध कॉलोनियों को नोटिस भेजकर उगाही कर रहे हैं। उन्होंने मृतक आश्रित में चपरासी की नौकरी देकर लिपिक बनाया है। साढ़े 8 करोड़ के लाइट घोटाले में घटिया लाइटें खरीदी गई हैं। इसके कारण 2 साल की गारंटी वाली लाइटें 2 महीने में खराब हो गई। निर्माण कार्यों के टेंडर में सेटिंग से 6 ठेकेदारों को काम दिया गया है। राज्य की बिना परमिशन के मेरठ जिला पंचायत विदेशों के दौरे कर रहे हैं।