गंदगी से बीमार होकर लोग इलाज कराने के लिए अस्पतालों के रुख करते है, लेकिन जब लोगों को स्वस्थ करने के ज़िम्मेदार ही गंदगियों से पटकर लोगों को बिमार होने की दावत देने लगे तो क्या होगा। कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है मेरठ मेडिकल कॉलेज में जहां सफाईकर्मियों की हड़ताल की वजह से मेडिकल कॉलेज में करीब करीब हर जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। आलम ये है कि मेडिकल कॉलेज के वार्ड और कॉरिडोर में कूड़ा ही कूड़ा नजर आ रहा है।
मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कालिज के सफाईकर्मियों को पिछले 4 महीने से सैलरी नहीं मिली है। जिसके चलते अब मेडिकल कॉलेज में तैनात सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल छेड़ दी है। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कूड़ा अस्पताल में बिखरा हुआ है। जो मरीज के लिए अब आफत बन चुका है।
मेरठ का लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में रोजाना हजारों की संख्या में मरीजों का इलाज किया जाता है। लेकिन मौजूदा वक्त में मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने के लिए आने पर लोगों को लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में कूड़े का ढेर लगा मिल रहा है। जिसकी वजह से मरीज और डॉक्टर दोनों ही कूड़े के ढेर से परेशान है। यहां मौजूद कूड़े और गंदगी की वजह से मेडिकल स्टाफ का भी बुरा हाल है। इतना ही नहीं सफाई कर्मचारी भी अब सफाई छोड़कर धरना देकर बैठ गए हैं।
जी हां हद तो तब हो गई जब मेडिकल मेरठ मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल के इशारे पर थाना पुलिस ने हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों को धमकाना शुरू कर दिया। सफाई कर्मचारियों कि माने तो आउटसोर्सिंग कंपनी ने उनका 4 महीने से वेतन नहीं दिया है। जिसके चलते अब सफाई कर्मचारियों को हौसला टूट चुका है और अब झाड़ू छोड़कर उन्होंने हड़ताल छेड़ दी है। अस्पताल में सफाई न होने से परेशान प्रिंसिपल मेडिकल कॉलेज में आंदोलन कर रहे हैं सफाई कर्मचारियों को समझने की कोशिश की। लेकिन जब वो नहीं माने तो पुलिस के द्वारा प्रेशर बनाने का भी आरोप लगाया गया। फिलहाल सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं और लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज कूड़े के ढेर में तब्दील होता जा रहा है।
रिपोर्ट- प्रदीप शर्मा