अयोध्या में श्री राम के भव्य मंदिर में देश-दुनिया के श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान की पवित्रता और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों की अब खैर नहीं है। योगी सरकार के सख्त निर्देश पर बनी SIT की जांच का दायरा अब सिर्फ दान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि साल 2021 से अब तक हुई जमीनों की खरीद-फरोख्त तक पहुंच गया है। इसके साथ ही मंदिर की पूरी सुरक्षा और दान व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया गया है।
राम मंदिर के दान में हुई हेराफेरी के मामले में योगी सरकार के एक्शन के बाद अब हड़कंप मच गया है। सरकार की SIT के सुझाव पर मंदिर की पूरी सुरक्षा और लेखा-जोखा व्यवस्था को बदल दिया गया है। अब मंदिर परिसर की सीसीटीवी फुटेज को पूरे 180 दिनों तक सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि हर एक गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके।
गड़बड़ी की शिकायत मिलते ही सबसे पहला हंटर बैंक और ट्रस्ट के स्टाफ पर चला है। दान की गणना से जुड़े स्टेट बैंक के टेलर्स, सुपरवाइजर, ऑडिट कर्मी और ट्रस्ट के निगरानी करने वाले पुराने कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से हटाकर नया स्टाफ तैनात कर दिया गया है। अब गणनाकर्मियों के मोबाइल और बैग ले जाने पर पूरी तरह पाबंदी है। यही नहीं श्रद्धालुओं को रसीद देने की व्यवस्था सख्त कर दी गई है और गिनती के तुरंत बाद दान की रकम दो अलग-अलग चाबियों वाले डबल लॉक में सीधे बैंक भेजी जा रही है।