लोकसभा चुनाव में नतीजों पर मंथन के लिए लखनऊ में बीजेपी प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक हुई जिसमें यूपी के उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता केशव प्रसाद मौर्य ने ऐसा बयान दिया है, जिसकी सियासी गलियारों में काफी चर्चा हैं।
उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव 2024 के रिजल्ट के बाद हुई बीजेपी की कार्यकारिणी की बैठक के दौरान अलग ही माहौल देखने को मिला। लोकसभा चुनाव की हार की हताशा तमाम कार्यकर्ताओं के चेहरों पर झलक रही थी। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ तक ने कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने का प्रयास किया। पिछली हार से आगे बढ़ते हुए उपचुनाव और विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में जुटने की अपील की। वहीं अधीकतर वक्ताओं ने लोकसभा चुनाव में हार की वजह कार्यकर्ताओं की उदासीनता को ठहराया। कार्यकर्ताओं के मायूस चेहरों को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने परखा, इसके बाद वे उनकी पीड़ा में खुद को जोड़ने की कोशिश की। डिप्टी सीएम ने कहा कि जो आपका दर्द है, वही मेरा भी दर्द है। हमारे लिए एक-एक कार्यकर्ता हमारा गौरव है। उनके भाषण पर काफी देर तक तालियां बजती रही।
डिप्टी सीएम ने भाजपा कार्यकर्ताओं में जोश भरने का किया प्रयास करते हुए कहा की संगठन हमेशा सरकार से बड़ा था, बड़ा है और हमेशा बड़ा रहेगा ,केशव प्रसाद मौर्य ने यह भी कहा की पहले मैं भाजपा कार्यकर्ता हूं, फिर हूं उप मुख्यमंत्री। केशव मौर्य ने इस दौरान सभी मंत्रियों, सांसदों और तमाम जनप्रतिनिधियों से कार्यक्ताओं का सम्मान करने और उनकी बात का ध्यान रखने की अपील की। इसके साथ ही 2027 में 300 पार के लक्ष्य का पार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस बैठक में हमें ये तय करके जाना है कि 2027 में सपा-बसपा और कांग्रेस एकजुट हो जाएं तो भी हमें अपने बल पर 300 पार के लक्ष्य को पार पाना है।