मकान के मलबे में दबे पीड़ितों से मिलने कांग्रेस सांसद इमरान मसूद पहुंचे। सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद पीड़ित नदीम सहित और लोगों से मिले। वहीं आज रालोद से बागपत सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान भी पीड़ितों से मिलने उनके घर पहुंचे हैं। उधर मेरठ के प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह भी आज पीड़ितों से मिलने पहुंचे हैं।
मीडिया से बात करते हुए प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा बेहद दुखद घटना है, सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसका संज्ञान लिया है। जो भी अनुमन्य सुविधाएं होंगी वो मिलेंगी। आजीविका का प्रबंध भी सरकार द्वारा किया जाएगा। कहा कि जान की कोई कीमत नहीं होती, शासन से सभी सुविधाएं दी जाएंगी। अभी परिवार के रहने की व्यवस्था की जाएगी। जो मकान गिरा वो कमजोर था, ऐसी घटनाएं अब न हो इसका संज्ञान लिया गया है। डेरियों को शहर से बाहर निकालने का काम कठिन है हो नहीं पा रहा है लेकिन इसे किया जाएगा।
जहां समाजवादी पार्टी सच कहा जाए तो अपराधबोध से ग्रसित पार्टी है। अखिलेश यादव को अपराधियों में भी बिरादरी दिखती है। मंगेश यादव उन्हें यादव दिखते हैं। अपराधी की कोई बिरादरी नहीं होती। जनता इसका जवाब देगा। अरविंद केजरीवाल भी अपनी नाकामबियों को छिपाने के लिए अब इस्तीफा दे रहे हैं।
आपको बता दे सांसद इमरान मसूद का जाकिर कालोनी में पहुंचने पर विरोध हुआ। स्थानीय लोगों ने इमरान मसूद का रास्ता रोका और उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। वहां लोग इमरान मसूद को घेरकर खड़े हो गए लोग, बोले, योगी और प्रशासन ने पूरा दिया साथ, आपने पीड़ित परिवार के लिए क्या किया यह कहकर लोगों ने विरोध किया। इमरान मसूद बोले, 200 किलोमीटर दूर से दर्द में शरीक होने आया हूं,मदद जरूर करूंगा,
इसके बाद इमरान मसूद ने कुछ नहीं किया सिर्फ जनता की वाहवाही लूटी है। जिला प्रशासन ने जो साथ दिया वो किसी ने नहीं दिया। वो आए लेकिन कोई मदद की बात कहकर नहीं गए, इंसान चला गया उसकी पूर्ति पैसे से नहीं हो सकती। हमारी मांग है कि कम से कम वो मुआवजे की घोषणा तो करके जाए, जो भी प्रतिनिधि यहां आए वो पहले अपनी पार्टी के अध्यक्ष से ये तय करके आए कि वो यहां क्या मदद करेगा। ऐसे ही मुंह उठाकर यहां न चले आएं। इमरान मसूद भी अपनी पार्टी से ये बात कहें और पीड़ितों की हर स्तर पर मदद करें।
वहीं इमरान मसूद ने कुछ नहीं किया सिर्फ जनता की वाहवाही लूटी है। जिला प्रशासन ने जो साथ दिया वो किसी ने नहीं दिया। वो आए लेकिन कोई मदद की बात कहकर नहीं गए, इंसान चला गया उसकी पूर्ति पैसे से नहीं हो सकती। हमारी मांग है कि कम से कम वो मुआवजे की घोषणा तो करके जाए, जो भी प्रतिनिधि यहां आए वो पहले अपनी पार्टी के अध्यक्ष से ये तय करके आए कि वो यहां क्या मदद करेगा। ऐसे ही मुंह उठाकर यहां न चले आएं। इमरान मसूद भी अपनी पार्टी से ये बात कहें और पीड़ितों की हर स्तर पर मदद करें।