उत्तर प्रदेश में गोंडा के पास ट्रेन के पटरी से उतरने की जगह पर मरम्मत का काम चल रहा है। अप-लिंक बहाल कर दिया गया है। मशीनों की आवाजाही की सुविधा के लिए इसे थोड़े समय के लिए रोका गया है। एक अधिकारी ने ये जानकारी दी। पूर्वोत्तर रेलवे की जनरल मैनेजर सौम्या माथुर ने पीटीआई वीडियो को बताया, "हमारा प्रयत्न है कि जल्दी से जल्दी रिस्टोर कर सकें दूसरी डाउन लाइन को भी, ये जो आपके पीछे अप-लाइन है ये लाइन कल रात को ही डिजल रिस्टोर के लिए उपयुक्त हो गई थी लेकिन हमनें ब्लॉक लिया हुआ है क्योंकि हमारी मशीनरी और एआरटी वगैरा का मूवमेंट करना था, क्रेन वगैरा का तो हमारा प्रयत्न है जल्दी से कर लें आज तो हो ही जाएगा।"
रेलवे अधिकारी ने बताया कि गुरुवार को उत्तर प्रदेश के गोंडा के पास चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस के आठ डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे में चार यात्रियों की मौत हो गई और 33 घायल हो गए। ट्रेन के पटरी से उतरने की खबर मिलते ही राजधानी लखनऊ से करीब 150 किलोमीटर दूर मोतीगंज और झिलाही रेलवे स्टेशनों के बीच मौके पर एंबुलेंस और चिकित्सा टीमों को भेजा गया। मौके पर लापता लोगों के कुछ रिश्तेदार उन्हें तलाश रहे हैं।
इनमें एक ने कहा, "मेरे पहचान के थे। मेरे रिश्तेदार थे। मेरे बहन के पति थे। ट्रेन हादसे में खो गए हैं तब से मिल नहीं रहे हैं।" एक अधिकारी ने कहा कि लोको पायलट ने पटरी से उतरने से पहले "विस्फोट की आवाज" सुनी। लेकिन उन्होंने विस्तार से जानकारी नहीं दी। उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पीटीआई को बताया कि हादसे में चार लोग मारे गए हैं। डीएम नेहा शर्मा ने भी यही संख्या बताई। हादसा दोपहर 2.35 बजे हुआ था। इसके करीब पांच घंटे बाद अधिकारियों ने कहा था कि एक यात्री की मौत हुई है।
राहत आयुक्त ने बताया कि शुरू में 40 सदस्यों की मेडिकल टीम और 15 एंबुलेंस मौके पर भेजी गईं। बाद में और मेडिकल टीम और एंबुलेंस भेजी गईं। केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद कीर्ति वर्धन सिंह ने मौके का दौरा किया। उन्होंने बताया, "चूंकि यह ट्रेन चंडीगढ़ से डिब्रूगढ़ जा रही थी, इसलिए यात्रियों को उनके गंतव्य तक ले जाने के लिए गोरखपुर से एक विशेष ट्रेन रवाना हुई है। ट्रेन मनकापुर रेलवे स्टेशन पर रुकेगी और यात्रियों को रेलवे स्टेशन तक ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई है।"
उन्होंने कहा कि रेलवे की तकनीकी टीम दुर्घटना की वजहों की जांच करेगी। रेल मंत्रालय ने कहा कि रेलवे सुरक्षा आयोग की जांच के अलावा उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया गया है। मंत्रालय ने कहा कि मारे गए लोगों के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को ढाई लाख और मामूली रूप से घायल यात्रियों को 50,000 हजार रुपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घायलों को हर मेडिकल सुविधा देने का निर्देश दिया है।
अधिकारियों ने कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। इनमें 8957400965 (गोंडा) और 8957409292 (लखनऊ) और 9957555960 (डिब्रूगढ़) शामिल हैं।