गाजियाबाद के मोदीनगर के रहने वाले धर्मेंद्र अपनी दोनों बेटियों को पालकी में बैठाकर कांवड़ लेकर जा रहे हैं। लोग माता, पिता और गुरुजनों के नाम की कांवड़ लाते हैं। लेकिन धर्मेंद्र ने बेटियों के नाम की कांवड़ लाकर सबको अचरज में डाल दिया। इतना ही नहीं वो बेटियों की सुरक्षा और बेटी सशक्तीकरण का संदेश भी दे रहे हैं। हरिद्वार, हरि की पैड़ी से गंगाजल लेकर गंतव्य की ओर बढ़ते धर्मेंद्र को जो भी देखता है उनके इस प्रयास के लिए उनकी सराहना करता है। इतना ही नहीं उनके साथ तस्वीरें भी खिंचाते हैं। इस राह में कई संस्थाओं ने धर्मेंद्र को उसके प्रयास के लिए सम्मानित भी किया है।
आपको बता दे रविवार को धर्मेंद्र मेरठ पहुंचे। हाईवे पर पहुंचने पर बेटियों को पालकी में बैठा देख लोगों में भी उत्साह बढ़ गया। कांवड़ देखने आए लोगों ने हाथ जोड़कर पिता को सम्मान दिया। गाजियाबाद के मोदीनगर के पास स्थित गढ़ी गदाना गांव निवासी धर्मेद्र ने बताया कि वह मिनी मेट्रो ड्राइवर है। धर्मेंद्र ने बताया कि शादी को 15 साल हो चुके हैं। पत्नी का नाम संगीता है।
मीडिया से बात करते हुए धर्मेंद्र ने बताया कि शादी के बाद उनके 4 बच्चे साधना, सृष्टि, देवराज, विधि व ज्योति हैं। बताया कि बेटियों ने हरिद्वार जाने की बात कही थी। जिसके बाद वह अपने परिवार को लेकर हरिद्वार पहुंचा। जहां उसने परिवार के साथ गंगा में डुबकी लगाई। 25 जुलाई को दोनों बेटियों विधि व ज्योति को पालकी में बैठाकर हरिद्वार से मोदीनगर के लिए रवाना हो गया।