उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की डासना जेल के कैदियों को कंप्यूटर स्किल्स की ट्रेनिंग दी जा रही है। जेल में बंद कैदियों को ये वोकेशनल ट्रेनिंग काफी फायदेमंद लग रही है। उन्हें उम्मीद है कि इससे उन्हें जेल से छूटने के बाद नौकरी हासिल करने में मदद मिलेगी। जेल प्रशासन इस ट्रेनिंग प्रोग्राम को एनजीओ इंडिया विजन और एचसीएल के सहयोग से चला रहा है।
ट्रेनिंग प्रोग्राम से जुड़े कई कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर जेल में सजा काट रहे कैदी ही हैं। वे कंप्यूटर से जुड़ी अपनी जानकारी को दूसरे कैदियों के साथ साझा कर रहे हैं। पिछले एक साल में 220 से ज्यादा कैदियों ने बेसिक कंप्यूटर स्किल्स में ट्रेनिंग हासिल की है। इनमें 60 महिला कैदी शामिल हैं। डासना जेल के अधिकारी इस तरह की वोकेशनल ट्रेनिंग जारी रखना चाहते हैं। वे कई दूसरे एरिया भी तलाश रहे हैं जिनमें कैदियों को हुनरमंद बनाया जा सकता है।