उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज सहारनपुर दौरा पर है। ये दौरा प्रशासनिक कार्यक्रम के साथ-साथ राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम माना जा रहा है। राजनीतिक हलकों में इस दौरे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि मुख्यमंत्री कार्यालय या सरकार की ओर से इसे चुनावी रणनीति से जोड़कर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। मुख्यमंत्री का यह दौरा बिना पूर्व सार्वजनिक घोषणा के तय हुआ। कार्यक्रम सामने आने के बाद प्रशासन और पार्टी संगठन सक्रिय हो गए। अचानक हुए इस कार्यक्रम ने राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान खींचा है, जो इसे आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के संदर्भ में भी देख रहे हैं।
मुख्यमंत्री सहारनपुर में स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ करेंगे, जनसभा को संबोधित करेंगे तथा करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र कार्यक्रम का स्थान भी बना हुआ है। सभा स्थल नगर विधानसभा क्षेत्र में स्थित है, जबकि इसके सामने से ही देहात विधानसभा क्षेत्र शुरू होता है। स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मंच दोनों विधानसभा क्षेत्रों तक एक साथ संदेश पहुंचाने का अवसर बन सकता है। देहात विधानसभा पर वर्तमान में समाजवादी पार्टी का कब्जा है।
कार्यक्रम में जिन विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण होना है, उनमें अधिकांश परियोजनाएं इसी क्षेत्र से जुड़ी बताई जा रही हैं। इससे विकास कार्यों के साथ राजनीतिक पहुंच मजबूत करने की कोशिश की चर्चा भी हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पिछले कुछ महीनों में कई बार सहारनपुर आ चुके हैं। जनवरी से अब तक यह उनका जिले का छठा दौरा होगा। हाल ही में देवबंद के कार्यक्रम में उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सक्रिय रहने का आह्वान किया था।
इसी पृष्ठभूमि में उनके इस दौरे को लेकर राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही हैं, हालांकि सरकार की ओर से इसे नियमित प्रशासनिक एवं विकास कार्यक्रम बताया जा रहा है। सहारनपुर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति का महत्वपूर्ण जिला माना जाता है। यहां जाट, गुर्जर, मुस्लिम, दलित और पिछड़े वर्गों का सामाजिक समीकरण चुनावी परिणामों पर प्रभाव डालता है। यही कारण है कि प्रमुख राजनीतिक दल इस जिले को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानते हैं।