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मध्य प्रदेश में मानसून सत्र में पेश होगा UCC बिल, CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को घोषणा की कि राज्य सरकार आगामी मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) विधेयक पेश करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार कई महत्वपूर्ण मुद्दों को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है, जिनमें UCC प्रमुख है। मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारी सरकार कई महत्वपूर्ण विषयों को लेकर आगे बढ़ रही है, जिनमें यूनिफॉर्म सिविल कोड भी शामिल है। महाकाल के आशीर्वाद से यह विधेयक आगामी मानसून सत्र में पारित हो सकता है।"

मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से 24 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा। UCC को लेकर विपक्षी कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि जब आदिवासी समुदायों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है, तो इसे समान नागरिक संहिता कैसे कहा जा सकता है। उन्होंने कहा, "सबसे पहले, जब आदिवासियों को इससे बाहर रखा गया है, तो यह यूनिफॉर्म सिविल कोड कैसे हुआ? दूसरा, मेरा मानना है कि सभी को इसका विरोध करना चाहिए क्योंकि इससे लिव-इन रिलेशनशिप को बढ़ावा मिलेगा।"

इससे पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा था कि राज्य सरकार UCC लागू करने से पहले जनता की राय और सुझाव जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। उन्होंने कहा, "धर्म के आधार पर विवाह और पारिवारिक परंपराओं के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों का पालन अब आवश्यक नहीं है। राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड की जरूरत है। उत्तराखंड, गुजरात और असम में UCC लागू होने से प्रेरित होकर मध्य प्रदेश सरकार भी इसे लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।"

मुख्यमंत्री ने बताया कि सुझाव एकत्र करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ और विद्वान शामिल हैं। राज्यभर के विभिन्न जिलों में सभी धर्मों के लोगों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इसके लिए एक विशेष वेबसाइट भी शुरू की गई है।

उत्तराखंड फरवरी 2024 में UCC विधेयक पारित करने वाला देश का पहला राज्य बना था। इसके बाद गुजरात ने मार्च 2026 में लंबी बहस के बाद बहुमत से UCC कानून को मंजूरी दी। वहीं असम ने मई 2026 में UCC विधेयक पारित किया, जिसमें विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों के लिए सभी धर्मों पर समान नागरिक कानून लागू करने का प्रावधान किया गया। अब मध्य प्रदेश भी UCC लागू करने वाले राज्यों की सूची में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।