केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने तीसरी भाषा (R3) को लेकर नया दिशा-निर्देश जारी किया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि 2027-28 से कक्षा 10 में प्रवेश करने वाले छात्रों के लिए तीसरी भाषा (R3) की बोर्ड परीक्षा नहीं होगी। इसका मूल्यांकन स्कूल स्तर पर ही किया जाएगा। CBSE के 10 जुलाई के सर्कुलर के अनुसार, कक्षा 10 की सेकेंडरी स्कूल परीक्षा का पास प्रमाणपत्र पाने के लिए छात्रों को स्कूल द्वारा आयोजित R3 मूल्यांकन पास करना अनिवार्य होगा।
यदि कोई छात्र R3 मूल्यांकन में सफल नहीं होता है, तो उसे बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित होने से पहले पुनर्मूल्यांकन का अवसर दिया जाएगा। CBSE ने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 9 में पढ़ने वाले छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी। इनमें से कम से कम दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी है। इन्हीं तीन भाषाओं में से एक को R3 (तीसरी भाषा) के रूप में चुना जाएगा।
भारतीय भाषाओं में हिंदी, संस्कृत, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, मराठी, बंगाली, पंजाबी, गुजराती, ओड़िया और असमिया जैसी भाषाएं शामिल हैं। वहीं अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मन, अरबी और स्पेनिश जैसी भाषाएं गैर-भारतीय भाषाओं की श्रेणी में आती हैं। CBSE ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 10 में पढ़ रहे छात्रों के लिए कोई बदलाव नहीं होगा। इस बैच के छात्र पहले की तरह केवल दो भाषाओं की पढ़ाई करेंगे और उन्हें तीसरी भाषा लेने की आवश्यकता नहीं होगी। छात्रों और स्कूलों की सुविधा के लिए NCERT ने अपनी वेबसाइट पर R3 Language Learning Resources भी उपलब्ध करा दिए हैं, ताकि नई व्यवस्था के तहत पढ़ाई और मूल्यांकन आसानी से किया जा सके।